
मुजफ्फरपुर में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। शहर में इन दिनों ‘ऑपरेशन अभया’ के तहत एंटी-रोमियो अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस अभियान की कमान एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा संभाल रही हैं, जिन्हें उनकी सख्त कार्यशैली और बेखौफ अंदाज के कारण लोग अब ‘लेडी सिंघम’ के नाम से पहचानने लगे हैं।
महिलाओं के खिलाफ होने वाली छेड़छाड़ और अभद्रता की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस की विशेष टीमें लगातार कॉलेज, स्कूल, कोचिंग संस्थानों, मॉल, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी रख रही हैं। अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों से पूछताछ की जा रही है और बिना वजह सार्वजनिक स्थलों पर मंडरा रहे युवकों को चेतावनी दी जा रही है।
बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में विशेष टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में चार सदस्य शामिल हैं और इसकी अगुवाई महिला पुलिस अधिकारी कर रही हैं। इन टीमों को महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
हाल ही में पुलिस टीम ने एमडीडीएम कॉलेज, मिठनपुरा क्षेत्र के मॉल, पार्क और आसपास के कई इलाकों में अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने लोगों से संवाद भी किया और महिलाओं को सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।
एसडीपीओ विनीता सिन्हा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चियों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार करना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी महिला या बच्ची के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की इस पहल का सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है। कई छात्राओं ने बताया कि कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से उनमें सुरक्षा का एहसास बढ़ा है। वहीं अभिभावकों ने भी इस अभियान को महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मुजफ्फरपुर में ‘ऑपरेशन अभया’ अब सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और सुरक्षा का प्रतीक बनता जा रहा है।


