मुजफ्फरपुर | 27 फरवरी, 2026: मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाना क्षेत्र में देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। एनएच पर एक अनियंत्रित तेज रफ्तार बस ने स्कूटी सवार दंपत्ति को पीछे से रौंद दिया। इस भीषण दुर्घटना में सरकारी शिक्षिका की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके पति, जो पेशे से कॉलेज प्रोफेसर हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
हादसे की भयावहता: बस ने पीछे से मारी टक्कर
घटना तुर्की थाना क्षेत्र के मधौल बाईपास स्थित मैदापुर रैयती एनएच की है।
- टक्कर: माधोपुर सुस्ता निवासी आदित्य प्रकाश अपनी पत्नी सीता देवी के साथ स्कूटी से जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
- नतीजा: टक्कर इतनी भीषण थी कि सीता देवी बस की चपेट में आ गईं और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक बस लेकर फरार होने में सफल रहा।
6 महीने पहले मिली थी नौकरी, घर में पसरा मातम
इस घटना ने एक ऐसे परिवार की खुशियों को छीन लिया है जिसने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी।
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- संघर्ष और सफलता: परिजनों ने बताया कि सीता देवी ने काफी संघर्ष के बाद महज छह महीने पहले ही सरकारी शिक्षिका (मरवन विद्यालय) के रूप में कार्यभार संभाला था।
- अधूरा परिवार: उनकी असमय मृत्यु से उनके दो बेटों, आदित्य कुमार और भास्कर प्रकाश, के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है।
”बस की टक्कर लगते ही हम अनियंत्रित होकर गिर गए। पलक झपकते ही सब कुछ खत्म हो गया। बस चालक ने रुकने की कोशिश भी नहीं की और तेजी से भाग निकला।”
— आदित्य प्रकाश (घायल पति व कॉलेज प्रोफेसर)
पुलिस की कार्रवाई और सीसीटीवी की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही 112 की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची।
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- प्राथमिकी दर्ज: तुर्की थाना पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
- फरार चालक की तलाश: पुलिस घटनास्थल और टोल प्लाजा के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बस के नंबर और चालक की पहचान की जा सके।
- पोस्टमार्टम: मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है।
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VOB का नजरिया: एनएच पर ‘स्पीड’ का दानव कब थमेगा?
मुजफ्फरपुर के बाईपास और एनएच क्षेत्रों में भारी वाहनों की अनियंत्रित गति लगातार मासूमों की जान ले रही है। एक योग्य शिक्षिका और समाज निर्माता का इस तरह जाना न केवल एक परिवार की, बल्कि पूरे शिक्षा जगत की क्षति है। क्या प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई करेगा या इन ‘किलर बसों’ की रफ्तार पर नकेल कसने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा?
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


