72 घंटे में निगरानी ने दबोचा तीसरा बड़ा अधिकारी
द वॉयस ऑफ बिहार | मुजफ्फरपुर (19 फरवरी 2026)
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत मुजफ्फरपुर में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक और बड़ी मछली को जाल में फंसाया है। साहेबगंज नगर परिषद में तैनात कनीय अभियंता (JE) अमन कुमार को 9,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। जिले में पिछले तीन दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।
9000 रुपये की घूस और गिरफ्तारी
साहेबगंज नगर परिषद के वार्ड संख्या-12 (ग्राम-नाही) निवासी राजकुमार तिवारी ने पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य के भुगतान के लिए कनीय अभियंता से संपर्क किया था।
- रिश्वत की मांग: कनीय अभियंता अमन कुमार ने भुगतान और कागजी प्रक्रिया के बदले 9,000 रुपये की मांग की थी।
- निगरानी का जाल: शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई को दी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर गुरुवार को निगरानी की टीम ने जाल बिछाया।
- रंगे हाथों पकड़ाए: जैसे ही अमन कुमार ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात निगरानी टीम ने उन्हें दबोच लिया। विभाग ने इस मामले में कांड संख्या-07/2026 दर्ज किया है।
मुजफ्फरपुर में ‘क्लीन स्वीप’: 72 घंटे, 3 गिरफ्तारी
मुजफ्फरपुर जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध पिछले तीन दिनों से लगातार कार्रवाई जारी है:
- 17 फरवरी: प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार 50 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए।
- 18 फरवरी: सदर थाने के दरोगा भास्कर कुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया गया।
- 19 फरवरी: आज साहेबगंज के जेई अमन कुमार 9 हजार रुपये के साथ धरे गए।
अब आगे क्या?
गिरफ्तार कनीय अभियंता अमन कुमार को कड़ी पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना ले जाया गया है, जहाँ उन्हें निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। निगरानी विभाग की इन बैक-टू-बैक कार्रवाइयों ने साफ संदेश दिया है कि रिश्वतखोरी में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।
मुजफ्फरपुर और बिहार की हर प्रशासनिक व भ्रष्टाचार से जुड़ी खबर के लिए जुड़े रहें: 👉 www.voiceofbihar.in


