
- बड़ी खबर: मुजफ्फरपुर के बेला इलाके में साइबर ठग को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला; गोलीबारी में ASI विकास कुमार के पेट में लगी गोली, हालत गंभीर।
- जवाबी कार्रवाई: पुलिस ने खदेड़कर मारी गोली; खुद को घिरता देख फायरिंग कर रहा कुख्यात पप्पू साहनी पुलिस की गोली से घायल, मौके से गिरफ्तार।
- अधिकारी मौके पर: DIG चंदन कुशवाहा और SSP ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा; घायल ASI सीवान के रहने वाले हैं।
द वॉयस ऑफ बिहार (मुजफ्फरपुर/ब्यूरो)
मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में मंगलवार को पुलिस और अपराधियों के बीच फिल्मी स्टाइल में मुठभेड़ (Encounter) हुई। शहर के बेला थाना क्षेत्र (Bela Police Station Area) में एक कुख्यात अपराधी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में एक ASI (Assistant Sub-Inspector) गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी भी गोली लगने से घायल हुआ है।
घेराबंदी देख अपराधी ने चलाई गोली
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शातिर साइबर ठग और ATM फ्रॉड का आरोपी पप्पू साहनी (Pappu Sahni) बेला थाना इलाके में छिपा हुआ है।
- प्लानिंग: सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की।
- फायरिंग: पुलिस को देखते ही पप्पू साहनी घबरा गया और बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
ASI के पेट में लगी गोली, पुलिस ने भी दिया जवाब
इस गोलीबारी में बेला थाने में तैनात ASI विकास कुमार (Vikas Kumar) को पेट में गोली लग गई और वे लहूलुहान होकर गिर पड़े।
- पुलिस का पलटवार: साथी को गोली लगते देख पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। इसमें कुख्यात पप्पू साहनी को भी गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में दबोच लिया गया।
- ASI का परिचय: घायल ASI विकास कुमार मूल रूप से सीवान (Siwan) जिले के ऊंधा गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में बेला थाने में मुंशी का कार्यभार संभाल रहे थे।
आला अधिकारियों ने संभाली कमान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मुजफ्फरपुर रेंज के DIG चंदन कुशवाहा (DIG Chandan Kushwaha) और SSP कांतेश कुमार मिश्रा (SSP Kantesh Kumar Mishra) तुरंत उस निजी अस्पताल पहुंचे, जहां घायल ASI का इलाज चल रहा है। पुलिस घायल अपराधी से उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।
(नोट: इससे पहले पटना में भी 6 दिन पहले STF ने कुख्यात सूर्या डॉन को मुठभेड़ में गोली मारी थी, जो बिहार पुलिस की अपराधियों के प्रति सख्त नीति को दर्शाता है।)


