एक नज़र में:
- सनसनी: इमामगंज के सेवा नगर में देवर ने की अपनी विधवा भाभी की बेरहमी से हत्या।
- खौफनाक: वारदात के 8 दिन बाद झिलमिलवा जंगल के नाले से बरामद हुआ मृतका का शव।
- बदनसीबी: 2024 में हुई थी शादी, कुछ ही महीनों पहले पति की करंट लगने से हुई थी मौत।
रिश्तों की मर्यादा तार-तार: जंगल के नाले से मिला ‘समुद्री’ का शव
गया: बिहार के गया जिले से रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। इमामगंज थाना क्षेत्र के उजियार बहेरा टोला (सेवा नगर) में एक देवर ने अपनी ही विधवा भाभी की हत्या कर दी। हत्या इतनी सफाई से की गई कि पुलिस को शव ढूँढने में 8 दिन लग गए। बुधवार को पुलिस ने झिलमिलवा जंगल के एक सुनसान नाले से 20 वर्षीय समुद्री कुमारी का सड़ा-गला शव बरामद किया है। शव की हालत देखकर स्थानीय लोगों की रूह कांप गई।
शादी के कुछ ही महीनों में उजड़ गया था सिंदूर: बदनसीबी ने नहीं छोड़ा पीछा
मृतका समुद्री कुमारी की दास्तान सुनकर इलाके के हर शख्स की आँखें नम हैं।
- सपनों का अंत: समुद्री की शादी साल 2024 में ललन भुइयां के पुत्र परमिला भारती से बड़े अरमानों के साथ हुई थी।
- हादसे ने छीना सुहाग: शादी को अभी कुछ ही महीने बीते थे कि एक दर्दनाक हादसे में बिजली के करंट की चपेट में आने से परमिला की मौत हो गई।
- 20 साल की उम्र में विधवा: जिस उम्र में लड़कियां भविष्य के सपने बुनती हैं, समुद्री उसी उम्र में विधवा हो गई। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस घर में वह सुरक्षा ढूंढ रही है, वहीं उसका कातिल बैठा है।
8 दिनों की ‘खूनी’ लुका-छिपी: माँ और बहनों ने पहचाना शव
घटना के बाद से ही समुद्री लापता थी। उसकी माँ शांति देवी और बहनें लगातार उसकी तलाश कर रही थीं। जब बुधवार को जंगल के नाले में एक सड़ी-गली लाश मिलने की खबर आई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। मृतका की माँ ने कपड़ों और अन्य निशानों के आधार पर उसकी पहचान की। पुलिस की प्रारंभिक जांच में शक की सुई सीधे देवर की ओर जा रही है, जो वारदात के बाद से फरार बताया जा रहा है।
पुलिसिया कार्रवाई: फरार देवर की तलाश में छापेमारी
इमामगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन संपत्ति विवाद या आपसी रंजिश के पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। पुलिस टीम आरोपी देवर की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
VOB का नजरिया: विधवाओं के लिए कितना सुरक्षित है हमारा समाज?
20 साल की समुद्री कुमारी ने साल भर के भीतर दो बड़े सदमे झेले। पहला जब उसका पति उसे छोड़कर चला गया और दूसरा जब उसके अपने ही देवर ने उसकी जान ले ली। यह घटना केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि हमारे समाज के उस काले चेहरे को उजागर करती है जहाँ एक बेसहारा महिला की जान की कीमत कुछ भी नहीं। जब घर के सदस्य ही रक्षक के बजाय भक्षक बन जाएं, तो न्याय की गुहार किससे लगाई जाए? गया पुलिस को चाहिए कि आरोपी को पाताल से भी ढूंढ निकाले ताकि समुद्री की आत्मा को शांति मिल सके।


