मुंगेर: नवरात्र की पहली पूजा के अवसर पर तेलडीहा दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्त मां दुर्गा की आराधना करने मंदिर पहुंचे और जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
पैदल यात्रा और स्नान
भक्तों ने भागलपुर जिले के सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर जल भरा और करीब 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए। जगह-जगह दंडाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही में कोई दिक्कत न हो।
तेलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास
तेलडीहा दुर्गा मंदिर की स्थापना वर्ष 1603 में बंगाल के शांतिपुर जिले के दालपोसा गांव के हरवल्लव दास ने तांत्रिक विधि से की थी। तभी से यह मंदिर शक्ति सिद्धपीठ के रूप में विख्यात है।
नवरात्र के दौरान यहां बंगाली रीति-रिवाज के अनुसार विशेष पूजा होती है।
नवरात्र प्रथम दिन की भव्यता
नवरात्र के पहले दिन मंदिर परिसर मां दुर्गा के जयकारों से भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर पूजा-अर्चना में लीन रहे और आयोजन का आनंद लिया।


