मुंगेर | 01 मार्च, 2026: मुंगेर जिले के असरगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों और ‘वर्दी’ की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। कलाली मोड़ पर शुक्रवार की देर रात घर का ताला खोलने के मामूली विवाद में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) बहू ने अपनी 50 वर्षीया सास पर पत्थर की लोढ़ी से जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा बहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वारदात: ताला खोलने का विवाद और खूनी संघर्ष
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात कलाली मोड़ निवासी किरण देवी (पति संजीव साह) और उनकी छोटी बहू नूतन कुमारी के बीच घर का ताला खोलने को लेकर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि नूतन ने अपना आपा खो दिया और सास के सिर पर सिलवट की पत्थर वाली लोढ़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए।
- गंभीर स्थिति: लहूलुहान किरण देवी को गश्ती दल के शंभू पासवान ने तुरंत असरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया।
- रेफर: डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया है।
- साक्ष्य संकलन: शनिवार को एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल पर पहुँचकर खून के नमूने और हमले में प्रयुक्त पत्थर की लोढ़ी को जब्त किया।
लव मैरिज और ‘सब-इंस्पेक्टर’ जोड़ा: कड़वाहट की पुरानी कहानी
यह मामला जितना पुलिसिया कार्रवाई से जुड़ा है, उतना ही पारिवारिक उलझनों से भी।
- प्रोफेशनल बैकग्राउंड: आरोपी बहू नूतन कुमारी 2018 बैच की सब-इंस्पेक्टर है और वर्तमान में मधुबनी जिले में तैनात है। वहीं, उसका पति (किरण देवी का बेटा) ऋतुराज दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है।
- प्रेम विवाह: ऋतुराज और नूतन ने दो साल पहले (2024 में) प्रेम विवाह किया था। परिजनों का दावा है कि शादी के बाद से ही दोनों परिवारों और पति-पत्नी के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण रहे हैं।
पीड़ित सास का आरोप: “चौथी बार की हत्या की कोशिश”
अस्पताल में भर्ती किरण देवी ने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है:
”नूतन ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के बाद से ही वह मुझे टारगेट कर रही है। वह अक्सर व्हाट्सऐप पर धमकी भरे मैसेज भेजती थी। 25 फरवरी को वह अपने मायके आई थी और यह जानकर कि मैं घर में अकेली हूँ, उसने पत्थर से वार कर मुझे जान से मारने की कोशिश की। वह पहले भी तीन-चार बार ऐसा प्रयास कर चुकी है।”
मृतका के बड़े बेटे मनजीत कुमार ने भी पुष्टि की है कि 2025 में भी नूतन ने उनकी मां पर हमला किया था और भाई के साथ भी उसके संबंध ठीक नहीं चल रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई: कानून सबके लिए बराबर
असरगंज थानाध्यक्ष विपुल कुमार ने बताया कि पीड़िता के आवेदन पर हत्या के प्रयास (IPC 307) का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता और आरोपी के पुलिस विभाग में होने के बावजूद कोई रियायत नहीं बरती। नूतन कुमारी को गिरफ्तार कर मुंगेर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
VOB का नजरिया: जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में आ जाए
एक पुलिस अधिकारी का दायित्व समाज में शांति बनाए रखना और अपराध रोकना होता है। लेकिन जब वही अधिकारी अपने घर में हिंसा का सहारा ले और वह भी एक बुजुर्ग महिला के खिलाफ, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। लव मैरिज से शुरू हुई यह कहानी आज जेल की सलाखों तक पहुँच गई है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि विभाग भी इस मामले में संज्ञान ले और ऐसी हिंसक प्रवृत्ति वाले कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


