पटना | बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए की दिल्ली बैठकों को लेकर सियासत तेज हो गई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने भाजपा और जदयू पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा जैसी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के लिए यह “दुर्दिन का वक्त” है कि उसे सीट बंटवारे के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
“बेरोजगारी रिकॉर्ड तोड़ रही है, महंगाई कमर तोड़ रही है” — मुकेश सहनी
पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा,
“बिहार में बेरोजगारी रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर है,
महंगाई ने जनता की कमर तोड़ दी है।
न उद्योग है, न निवेश की कोई ठोस योजना।
व्यापार, कारोबार और कारीगरी सब ठप हैं।
बंदरबांट में उलझी यह सरकार जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह विफल हो चुकी है।”
उन्होंने कहा कि एनडीए नेताओं की सीट बंटवारे की बैठकों से यह साफ है कि
गठबंधन के भीतर तनाव और असहमति गहराई तक बढ़ चुकी है।
“नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद बचाने के लिए भाजपा के सामने झुके हुए हैं”
मुकेश सहनी ने जदयू प्रमुख नीतीश कुमार पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा,
“नीतीश कुमार अब सिर्फ मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
वे भाजपा के सामने पूरी तरह समर्पण कर चुके हैं।
जदयू कुर्सी अपने पास रखने के लिए बेचैन है,
जबकि भाजपा इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी छीनने को व्यग्र है।”
उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर लगभग सबकुछ तय हो चुका है,
केवल “अंतिम टच” दिया जा रहा है और बहुत जल्द इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुकेश सहनी का यह बयान बिहार की सियासत में
तीखे हमलों और नई राजनीतिक रणनीतियों की शुरुआत है।
सहनी, जो खुद पूर्व में एनडीए सरकार में मंत्री रह चुके हैं,
अब लगातार भाजपा और जदयू की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, उनके बयान से यह भी संकेत मिलता है कि
VIP पार्टी महागठबंधन के साथ मिलकर आगामी चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा सकती है।
निष्कर्ष
बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं,
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और गठबंधन की बयानबाजी ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
एनडीए के भीतर सीट बंटवारे की जद्दोजहद और मुकेश सहनी जैसे नेताओं के तीखे बयान
यह संकेत दे रहे हैं कि चुनावी जंग इस बार और भी दिलचस्प होने वाली है।


