पटना, 11 जुलाई: बिहार में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार, 16 और 17 जुलाई को राज्य में वर्षा की गतिविधियों में उल्लेखनीय इजाफा होगा। विभाग के अनुसार इस बार उत्तर बिहार के जिलों में दक्षिण बिहार की तुलना में ज्यादा और व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।
धीरे-धीरे अनुकूल हो रही मौसमी परिस्थितियां
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और मानसूनी टर्फ लाइन के उत्तर की ओर शिफ्ट होने की संभावना है, जिससे बिहार में वर्षा की अनुकूल स्थितियां बन रही हैं। अगले कुछ दिनों में यह प्रणाली और मजबूत हो सकती है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
तापमान में नहीं होगा खास बदलाव
हालांकि आगामी चार दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा, जिससे मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक बना रह सकता है।
9 जुलाई को कहां कितनी बारिश हुई?
गुरुवार को बिहार के 38 में से 35 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। केवल अरवल, जहानाबाद और भभुआ जिलों में बारिश नहीं हुई।
- जमुई के चकाई प्रखंड में सबसे अधिक 32.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
- वहीं, भोजपुर, पूर्वी चंपारण और किशनगंज जिलों में 46 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के तार गिरने की सूचना भी मिली।
- राजधानी पटना में हल्की वर्षा के साथ आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) में इजाफा देखा गया, जिससे उमस में थोड़ी राहत मिली।
किसे मिलेगी राहत, किसे सताएगी बारिश?
उत्तर बिहार के जिलों जैसे सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में झमाझम बारिश की संभावना है, जिससे खेतों में धान की रोपाई को गति मिलेगी। यह किसानों के लिए एक बड़ी राहत होगी।
वहीं, दक्षिण बिहार के जिलों जैसे गया, नवादा, औरंगाबाद और कैमूर में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। इन क्षेत्रों में अब भी पानी की कमी बनी हुई है, इसलिए भारी वर्षा का इंतजार जारी रहेगा।
कृषि के लिए महत्वपूर्ण है यह बारिश
मौसम विभाग की यह भविष्यवाणी धान की खेती कर रहे किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब तक की बारिश सामान्य से कम रही है, जिससे धान की नर्सरी और रोपनी में काफी दिक्कतें आई हैं। यदि 16 जुलाई से बारिश होती है, तो खरीफ फसलों की बुआई और रोपाई को नया बल मिलेगा।
विभाग की चेतावनी: बिजली-गिरने की घटनाओं से सतर्क रहें
आईएमडी ने चेतावनी जारी की है कि आगामी दिनों में बिजली गिरने (लाइटनिंग) की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। खासकर बांका, भागलपुर, मधेपुरा और सुपौल जैसे जिलों में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश की आशंका जताई गई है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को खेतों और खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राज्य के लिए यह खबर खुशखबरी और चेतावनी दोनों है। एक ओर जहां यह बारिश कृषि और गर्मी से राहत के लिए वरदान साबित हो सकती है, वहीं बिजली गिरने और तेज हवाओं से संभावित नुकसान से सतर्क रहना जरूरी है।


