पटना: बिहार में अब मॉनसून का अध्याय समाप्ति की ओर है और सर्दी की दस्तक महसूस होने लगी है। राज्य के ज्यादातर जिलों में सुबह-शाम हल्की ठंडक और ठंडी हवाओं का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने भी पुष्टि की है कि बिहार से मॉनसून की विदाई औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है।
IMD ने की मॉनसून की विदाई की पुष्टि
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 10 अक्टूबर तक गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और बिहार के कुछ इलाकों से पीछे हट चुका है। आने वाले तीन से चार दिनों में पूरे बिहार से मॉनसून की पूरी तरह विदाई हो जाएगी। इसका मतलब है कि अब लगातार ‘नो रेन डेज़’ का दौर रहेगा और तापमान में क्रमिक गिरावट दर्ज होगी।
तापमान में आएगी गिरावट, बढ़ेगी ठंडक
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में राज्य का न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। दिन में धूप तो रहेगी, लेकिन सुबह और शाम की ठंडक धीरे-धीरे बढ़ेगी। यह बदलाव सर्दियों के शुरुआती संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
कोहरा और ओस से सजी सुबहें
पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया समेत कई जिलों में सुबह हल्का कोहरा और ओस की परत दिखाई देने लगी है। ग्रामीण इलाकों में खेतों पर जमी ओस की परत से मौसम और भी सुहावना हो गया है।
उत्तर-पश्चिम से चलेंगी ठंडी हवाएं
अक्टूबर के चौथे सप्ताह से उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं बिहार के मौसम में और गिरावट लाएंगी। इन हवाओं के कारण नमी में कमी आएगी और सर्दी का असर बढ़ेगा।
इस बार सर्दी रह सकती है सामान्य से ज्यादा
IMD की मौसमी रिपोर्ट के अनुसार, इस बार सर्दी सामान्य से कुछ ज्यादा कड़ी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह तक ठंड का असर पूरे बिहार में महसूस होने लगेगा।
स्वास्थ्य को लेकर अलर्ट जारी
मौसम में हो रहे बदलाव के बीच डॉक्टरों ने लोगों को स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा जैसी बीमारियों से ग्रसित लोगों को सुबह-शाम ठंड से बचने की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार, अब से ही हल्के गर्म कपड़े पहनना और हर्बल पेय का सेवन शुरू करना फायदेमंद रहेगा।


