बक्सर में बंदरों की ‘विदाई’: 8000 लंगूर-बंदर पिंजरे में कैद; मथुरा की टीम ने पकड़ा, अब रोहतास के जंगलों में रहेंगे

बक्सर | बक्सर शहर में पिछले कई महीनों से चल रहा बंदरों का राज अब खत्म हो गया है। नगर परिषद (City Council) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर से करीब 8000 बंदरों को पकड़ लिया है। इसके लिए मथुरा से एक्सपर्ट्स की टीम बुलाई गई थी।

डंडा लेकर निकलते थे लोग, महिलाओं का जीना था मुहाल

​शहर के लोग बंदरों के आतंक से इतना परेशान थे कि घर से निकलना मुश्किल हो गया था।

  • खौफ: पुरुष काम पर चले जाते थे, तो पीछे घर की महिलाएं और बच्चे सुरक्षित नहीं थे। बच्चे स्कूल जाने से डरते थे और महिलाएं साग-सब्जी लाने के लिए भी हाथ में लाठी-डंडा लेकर निकलती थीं।
  • हमला: बंदर न सिर्फ खाने-पीने का सामान छीन लेते थे, बल्कि हल्का विरोध करने पर झुंड में हमला कर देते थे। कई लोग इनके हमले में जख्मी हो चुके थे।

मथुरा के एक्सपर्ट्स ने किया कमाल

​बंदरों की बढ़ती संख्या और आक्रामकता को देखते हुए नगर परिषद ने मथुरा (UP) से बंदर पकड़ने वाले विशेष दस्ते को बुलाया।

  • ऑपरेशन: टीम ने जाल और पिंजरों की मदद से शहर के अलग-अलग इलाकों से 8000 बंदरों को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
  • राहत: इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है। अब छतों पर कपड़े सुखाना और बच्चों का खेलना सुरक्षित हो गया है।

रोहतास के जंगलों में छोड़ा जाएगा

​बंदर पकड़ने वाले एक्सपर्ट्स ने बताया कि इन सभी 8000 बंदरों को सुरक्षित तरीके से रोहतास (Rohtas) जिले के पहाड़ी और जंगली इलाकों में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वे अपने प्राकृतिक आवास में रह सकें और शहर में दोबारा न आएं।

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