पटना | बिहार में अब बिजली कटने पर उपभोक्ताओं को सिर्फ पसीना नहीं बहाना पड़ेगा, बल्कि उन्हें इसका मुआवजा भी मिलेगा। ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने सोमवार (9 फरवरी 2026) को अधिकारियों की क्लास लगाते हुए साफ कर दिया है— “उपभोक्ता को सुविधा चाहिए, बहाना नहीं।”
1. 21 घंटे सप्लाई नहीं, तो बिल में कटौती
समीक्षा बैठक में सबसे बड़ा फैसला HT और स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए लिया गया है।
- नियम: अगर किसी इलाके में 21 घंटे से कम बिजली आपूर्ति होती है, तो उपभोक्ताओं को आनुपातिक क्षतिपूर्ति (Compensation) दी जाएगी।
- फायदा: यह छूट सीधे आपके बिजली बिल के फिक्स्ड चार्ज (Fixed Charge) में कटौती करके दी जाएगी। यानी जितनी कम बिजली, उतना कम फिक्स्ड चार्ज।
2. आधे घंटे बत्ती गुल, तो मोबाइल की घंटी बजेगी
अक्सर बिजली कटने पर लोग परेशान होकर पावर हाउस के चक्कर लगाते हैं, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।
- अलर्ट: अगर 30 मिनट से ज्यादा बिजली बाधित रहती है, तो उपभोक्ताओं को सुविधा ऐप (Suvidha App) या SMS के जरिए रियल टाइम जानकारी दी जाएगी कि बिजली क्यों कटी है और कब आएगी।
- बिल पर नंबर: अब आपके बिजली बिल पर ही फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर भी प्रिंट होकर आएगा, ताकि आप सीधे शिकायत कर सकें।
3. ‘कंप्लेंट’ पर अब एक्शन होगा फास्ट
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि CGRF पोर्टल को एकीकृत ओम्नी-चैनल (CRM) से जोड़ा जाए।
- मतलब: अब आप चाहे फोन से शिकायत करें, ऑनलाइन करें या ऑफिस जाकर—सारी शिकायतें एक ही जगह दिखेंगी, जिससे उनका निपटारा (Resolution) और भी तेजी से होगा।
4. किसानों को भी ‘झटपट’ कनेक्शन
बैठक में ‘मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार’ योजना पर भी चर्चा हुई।
- खेती: ऊर्जा सचिव ने निर्देश दिया है कि नए कृषि कनेक्शन देने में देरी न की जाए। किसानों को जल्द से जल्द कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं।
बैठक में ये थे मौजूद:
साउथ बिहार और जनरेशन कंपनी के एमडी महेंद्र कुमार और नॉर्थ बिहार व ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी राहुल कुमार समेत कई वरीय अधिकारी इस बैठक में शामिल थे।


