पटना/मोकामा | जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या मामले में गिरफ्तार जेडीयू प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक अनंत सिंह इन दिनों बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। मोकामा की सियासत के सबसे चर्चित चेहरे पर पूरा प्रदेश नज़र बनाए हुए है।
कैसे कट रही है जेल में अनंत सिंह की रात?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनंत सिंह को सामान्य कैदी की तरह ही रखा गया है।
वह किसी विशेष बैरक में नहीं, बल्कि अन्य कैदियों की तरह जेल नियमों के अनुसार रह रहे हैं।
जेल सूत्रों ने बताया —
- सुबह निर्धारित समय पर उठना
- जेल परिसर में सामान्य दिनचर्या
- मुलाक़ात समय में वकील और सीमित लोग
- जेल का साधारण भोजन
- शाम को लॉक-अप
उन्हें कोई VIP सुविधा नहीं दी गई है।
गैंगस्टर-से-राजनेता बने अनंत सिंह की दिनचर्या जेल नियमों के अनुसार ही चल रही है।
“हर कार्यकर्ता बने अनंत सिंह” — ललन सिंह
अनंत सिंह की गैरहाज़िरी में एनडीए ने चुनावी मोर्चा संभाल लिया है।
सोमवार को मोकामा पहुंचे केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभा की।
ललन सिंह ने कहा —
“अनंत बाबू ने कानून का सम्मान किया। साजिश के तहत उन्हें अंदर भेजा गया है। अब हर कार्यकर्ता को अनंत सिंह बनकर चुनाव लड़ना है।”
उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आएगी और साजिश करने वाले बेनकाब होंगे।
मोकामा में सुरक्षा कड़ी, 5 FIR दर्ज
घटना के बाद मोकामा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार —
- 13 कंपनियां CAPF
- 2 यूनिट STF
- 4 QRT टीम
क्षेत्र में तैनात हैं। अब तक 5 FIR दर्ज हो चुकी हैं।
चुनावी माहौल में मोकामा हाई-सिक्योरिटी ज़ोन बना हुआ है।
जनता की निगाहें फैसले पर
अनंत सिंह के जेल भेजे जाने के बाद
- उनके समर्थक भावनात्मक अपील कर रहे हैं,
- विपक्ष सवाल उठा रहा है,
- प्रशासन सख्त है।
मोकामा की लड़ाई अब जेल से मैदान तक पहुँच चुकी है।


