मोकामा विधानसभा क्षेत्र इस बार बिहार की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। यहां एनडीए प्रत्याशी और पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थन में हुए रोड शो के दौरान आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आया है। प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई नेताओं पर मामला दर्ज किया है।
अनंत सिंह, जो दुलारचंद हत्या मामले में जेल में बंद हैं, इस चुनाव में एनडीए के टिकट पर मैदान में हैं। उनकी गैर मौजूदगी में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी खुद ललन सिंह ने संभाल रखी है। उन्होंने ऐलान किया है कि चुनाव की समाप्ति तक वे मोकामा में ही रहेंगे और हर गांव, हर बूथ पर जाकर एनडीए को मजबूत करेंगे।
रोड शो के दौरान ललन सिंह ने कहा,
“अनंत सिंह जनता के दिलों में बसते हैं। हम सभी कार्यकर्ता अब अनंत सिंह बनकर मोकामा की जनता से जुड़ें और एनडीए की जीत सुनिश्चित करें।”
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा,
“बिहार में एनडीए की लहर है और मोकामा इस लहर का केंद्र बनेगा।”
राजनीतिक रूप से अहम सीट
मोकामा विधानसभा सीट हमेशा से ही सुर्खियों में रही है। यहां अनंत सिंह की पकड़ लंबे समय से मजबूत रही है और उन्होंने कई बार यहां से जीत दर्ज की है। इस बार उनका जेल से चुनाव लड़ना और एनडीए की पूरी तहसील उनके समर्थन में उतरना इस मुकाबले को और रोचक बना रहा है।
पहले चरण के मतदान के तहत 6 नवंबर को मोकामा समेत 18 जिलों में वोट डाले जाएंगे। इस सीट पर एनडीए बनाम महागठबंधन के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
आचार संहिता उल्लंघन का यह मामला चुनावी सियासत को नया मोड़ दे सकता है और इसके राजनीतिक प्रभाव दूर तक देखने को मिल सकते हैं।


