प्रशासन की सक्रिय भूमिका से शांतिपूर्ण रहा पूरा आयोजन
भागलपुर, 7 जुलाई 2025: भागलपुर में मोहर्रम का पर्व इस बार भी गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द के साथ संपन्न हुआ। जहाँ 10 मोहर्रम को सुन्नी समुदाय की ओर से पारंपरिक अखाड़ों का आयोजन किया गया, वहीं 11 मोहर्रम को शिया समुदाय ने धार्मिक परंपरा के अनुसार ‘पहलाम’ निकाला। यह पहलाम ईदगाह से आरंभ होकर विभिन्न चौक-चौराहों से होता हुआ शहरभर में भ्रमण करते हुए संपन्न हुआ।
शिया-सुन्नी एकता की पहचान बना भागलपुर
इस अवसर पर भागलपुर ने एक बार फिर धार्मिक समरसता और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की। दोनों समुदायों ने अलग-अलग तिथियों पर अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान पूरी श्रद्धा, अनुशासन और आपसी समझदारी के साथ संपन्न किए, जिससे पूरे शहर में शांति और एकता का संदेश गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर भारत में कहीं शिया-सुन्नी एकता का सबसे सुंदर उदाहरण देखना हो, तो वह भागलपुर है।
प्रशासनिक प्रबंधन की सराहना
इस शांतिपूर्ण आयोजन के सफल संचालन में भागलपुर जिला प्रशासन की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। वरीय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मैदान में मोर्चा संभाला, पूरे आयोजन की कड़ी निगरानी की और कहीं कोई तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका विशेष ध्यान रखा।
इसके अतिरिक्त, मोहर्रम केंद्रीय कमेटी, स्थानीय शांति समिति, और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी संपूर्ण समन्वय के साथ आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।


