
पटना, 09 सितंबर।राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने और कृषि विपणन संरचना को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि राज्य योजना अंतर्गत 9 कृषि बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण एवं विकास के लिए 5 अरब 40 करोड़ 61 लाख 47 हजार 600 रुपये की महत्वाकांक्षी योजना स्वीकृत की गई है।
इस योजना के अंतर्गत नाबार्ड से 95% राशि ऋण के रूप में तथा राज्यांश से 5% राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
वित्तीय स्वीकृति और खर्च
वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न बाजार प्रांगणवार योजनाओं पर 38 करोड़ 21 लाख 5 हजार 264 रुपये की निकासी एवं व्यय की मंजूरी दी गई है।
- इसमें नाबार्ड से 36 करोड़ 30 लाख रुपये
- तथा राज्यांश से 1 करोड़ 91 लाख 5 हजार 264 रुपये शामिल हैं।
इस राशि का उपयोग बाजार प्रांगणों के कायाकल्प और सुविधाओं के विस्तार में किया जा रहा है ताकि किसानों को अपनी उपज के विपणन में अधिक सहूलियत मिल सके।
रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
श्री सिन्हा ने बताया कि इस योजना से वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 10 लाख 67 हजार 136 मानव दिवस का रोजगार सृजित होगा।
- इससे ग्रामीण युवाओं और स्थानीय श्रमिकों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
- साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
- किसानों को आधुनिक और पारदर्शी बाजार प्रणाली से लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
शामिल बाजार प्रांगण
इस योजना के तहत जिन 9 बाजार प्रांगणों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, वे हैं:
- कृषि उत्पादन बाजार समिति सासाराम
- बेगूसराय
- कटिहार
- फारबिसगंज
- जहानाबाद
- दरभंगा
- किशनगंज
- छपरा
- बिहटा
इन बाजार प्रांगणों में अधोसंरचना को मजबूती दी जाएगी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अनुश्रवण और क्रियान्वयन
- कार्य का क्रियान्वयन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
- नियमित अनुश्रवण कृषि विपणन निदेशालय द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि कार्य समय पर पूर्ण हो सके।
कृषि मंत्री का विश्वास
माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन से:
- राज्य में कृषि बाजार प्रणाली को नई दिशा मिलेगी,
- किसानों की आय में वृद्धि होगी,
- और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को बल मिलेगा।


