बिहार में खेलों को नई पहचान दे रहे हैं आधुनिक खेल भवन: हर जिले में खिलाड़ियों को मिल रही बेहतरीन सुविधाएं

पटना, 18 जुलाई 2025।बिहार सरकार ने खेल संस्कृति को सशक्त बनाने और युवाओं को खेलों में अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत प्रत्येक जिले में आधुनिक खेल भवन सह व्यायामशाला की स्थापना का कार्य शुरू किया है। यह पहल न केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए उपयुक्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवा रही है, बल्कि खेलों को सामाजिक प्रतिष्ठा भी दिला रही है।


25 जिलों में भवन तैयार, 13 में तेजी से निर्माण जारी

वर्तमान में राज्य के 38 में से 25 जिलों में खेल भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष 13 जिलों में निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिनमें मुगेर, कैमूर, बक्सर, सुपौल और बेगूसराय जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।


प्रत्येक खेल भवन में मिल रही अत्याधुनिक सुविधाएं

हर खेल भवन में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं:

  • जिला खेल पदाधिकारी का कार्यालय
  • 50 सीटों की वातानुकूलित मीटिंग रूम
  • विश्वस्तरीय जिम उपकरणों से सुसज्जित व्यायामशाला
  • लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम
  • बहुउद्देश्यीय हॉल, जिसमें ताइक्वांडो, वुशु, फेंसिंग, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग, कबड्डी जैसे इनडोर खेलों के लिए प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की सुविधा है।

10.26 करोड़ की अतिरिक्त राशि स्वीकृत – सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता

खेल विभाग ने मौजूदा खेल भवनों को और अधिक सुरक्षित व आधुनिक बनाने के लिए 10.26 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है। इस बजट से निम्नलिखित व्यवस्थाएं की जा रही हैं:

  • आरओ वाटर प्यूरीफायर
  • जनरेटर सेट
  • सीसीटीवी निगरानी प्रणाली
  • साइनबोर्ड्स की स्थापना

यह सुविधाएं खिलाड़ियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता को सुनिश्चित करती हैं।


खिलाड़ियों को मिला समर्पित मंच, युवा हो रहे प्रेरित

खेल भवनों की स्थापना से:

  • स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण की सुविधाएं बढ़ीं हैं।
  • युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और अनुशासन में वृद्धि हुई है।
  • महिला खिलाड़ियों को भी समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा की तैयारी संभव हो रही है।

मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि से बदली खेलों की तस्वीर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खेलों के प्रति गंभीरता और दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज बिहार में खेल एक समाज-निर्माण का माध्यम बनते जा रहे हैं। उनकी सोच यह रही है कि:

खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, एक स्वस्थ और सकारात्मक समाज का आधार हैं। राज्य के युवा खेलों के जरिए अपना भविष्य गढ़ सकें, यही हमारी कोशिश है।


मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत निर्मित खेल भवन न केवल भविष्य के चैंपियनों की नींव बन रहे हैं, बल्कि बिहार में एक सशक्त खेल परंपरा की शुरुआत का संकेत भी दे रहे हैं। आने वाले वर्षों में इन भवनों से तैयार होकर कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर बिहार का नाम रोशन करेंगे।


 

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