पटना, 7 अगस्त 2025: राज्य भर के वाहन मालिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी सामने आई है। यदि आपके वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) या ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) में अब तक मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हुआ है, तो आने वाले दिनों में चालान की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
परिवहन विभाग ने निर्देश दिया है कि वाहन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों की त्वरित सूचना वाहन मालिकों को मिल सके, इसके लिए आरसी और डीएल में मोबाइल नंबर अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है।
पटना जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अकेले पटना जिले में 6 लाख 13 हजार 929 वाहनों के आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हैं, जिससे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जारी किए गए ई-चालान वाहन मालिकों तक नहीं पहुंच पाते। इसका नतीजा यह होता है कि चालान की रकम समय पर जमा नहीं होती और वह जुर्माने में तब्दील होकर धीरे-धीरे बढ़ती चली जाती है।
मोबाइल नंबर अपडेट क्यों है जरूरी?
डीटीओ अधिकारियों के अनुसार, यदि वाहन मालिक का मोबाइल नंबर आरसी और डीएल से जुड़ा होता है तो उन्हें निम्नलिखित सूचनाएं समय पर मिलती हैं:
- पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट की वैधता
- रोड टैक्स की समय सीमा
- बीमा की समाप्ति
- चालान की जानकारी
- वाहन ट्रांसफर या बिक्री से जुड़ी सूचनाएं
यह नंबर आधार से लिंक होना चाहिए, ताकि गलत मोबाइल नंबर या फर्जी पते के कारण किसी दूसरे व्यक्ति को नोटिस या चालान भेजने की स्थिति उत्पन्न न हो।
यदि किसी वाहन के आरसी और आधार कार्ड पर नाम अलग-अलग दर्ज हैं, तो वाहन मालिक को डीटीओ कार्यालय में जाकर मैनुअल आवेदन करना होगा।
कैसे और कहां कराएं मोबाइल नंबर अपडेट?
परिवहन मंत्रालय (MoRTH) ने देशभर में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए तीन महीने की समय सीमा निर्धारित की है। इस अवधि में वाहन मालिक दो विकल्पों के ज़रिए यह कार्य करा सकते हैं:
- ऑनलाइन माध्यम से — परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://parivahan.gov.in पर लॉग इन करके।
- ऑफलाइन माध्यम से — नजदीकी डीटीओ कार्यालय जाकर।
यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है।
जुर्माना टालना है तो जल्द कराएं अपडेट
परिवहन विभाग द्वारा यह भी संकेत दिया गया है कि आने वाले दिनों में यदि किसी वाहन के कागजात में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं पाया जाता और वाहन से संबंधित कोई नियम उल्लंघन होता है, तो सीधा चालान काटा जाएगा।
बढ़ती निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के कारण अब ट्रैफिक नियमों के पालन में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए वाहन मालिकों से अनुरोध है कि वे समय रहते अपने दस्तावेजों को अपडेट करवा लें और अनावश्यक परेशानी से बचें।


