
- विधायक रोहित पांडेय ने पटना में उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा से की मुलाकात; शहर की दो बड़ी समस्याओं पर सौंपा ज्ञापन,
- ‘स्मार्ट सिटी’ के नाम पर सैंडिस कंपाउंड में टिकट लगाना गलत; आम जनता और छात्रों के लिए एंट्री फ्री करने की मांग
- तस्तरी (Saucer) जैसी बनावट के कारण डूबता है भागलपुर, ‘सात निश्चय-3’ में ड्रेनेज प्रोजेक्ट को शामिल करने का किया आग्रह
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना/भागलपुर)
भागलपुर सदर विधायक रोहित पांडेय ने शहर की समस्याओं के समाधान के लिए पटना में बड़ी पहल की है। उन्होंने बुधवार (12 फरवरी 2026) को बिहार के उप-मुख्यमंत्री और नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा से व्यक्तिगत मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम को दो अलग-अलग मांग पत्र सौंपे और भागलपुर की जनता की परेशानियों से उन्हें अवगत कराया,।
विधायक ने शहर के फेफड़े कहे जाने वाले जय प्रकाश उद्यान (सैंडिस कंपाउंड) को फिर से निःशुल्क करने और शहर को भीषण जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए ‘स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम’ की मांग प्रमुखता से रखी।
1. सैंडिस कंपाउंड: “आम जनता पर बोझ न डालें”
डिप्टी सीएम को सौंपे गए पत्र में विधायक ने सैंडिस कंपाउंड में लगाए गए प्रवेश शुल्क (Entry Fee) को तत्काल हटाने की मांग की है।
- तर्क: उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सौंदर्यीकरण के बाद यहां प्रवेश शुल्क लगा दिया गया है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के नागरिकों, विशेषकर छात्रों और दैनिक श्रमिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
- जनहित: सैंडिस कंपाउंड वर्षों से बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं के लिए सुबह-शाम टहलने और खेलकूद का केंद्र रहा है। टिकट लगने से लोग इस स्वास्थ्य सुविधा से वंचित हो रहे हैं। अतः इसे जनहित में अविलंब निःशुल्क किया जाए।
2. ड्रेनेज सिस्टम: “अंग्रेजों के जमाने के नाले अब नहीं चलेंगे”
दूसरे ज्ञापन में विधायक ने भागलपुर में हर साल होने वाले भीषण जलजमाव का मुद्दा उठाया।
- भौगोलिक समस्या: उन्होंने मंत्री को बताया कि भागलपुर की भौगोलिक बनावट ‘तस्तरी’ (Saucer-shaped) जैसी है, जिसके कारण बारिश का पानी शहर के बीच में जमा हो जाता है।
- जर्जर व्यवस्था: शहर की निकासी अभी भी अंग्रेजों के जमाने के ‘हथिया नालों’ पर निर्भर है, जो अब जर्जर हो चुके हैं और पानी निकालने में सक्षम नहीं हैं।
- समाधान: विधायक ने आग्रह किया कि वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित ‘स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना’ को बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ की प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाए, ताकि शहर को डूबने से बचाया जा सके।
मुलाकात के दौरान उप-मुख्यमंत्री ने विधायक की मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।




