सिवान, 16 जुलाई — बड़हरिया से राजद विधायक बच्चा पांडेय मंगलवार को अचानक जिले के पचरुखी थाना पहुंच गए और थाना प्रभारी सनी रजक पर जमकर नाराजगी जाहिर की। विधायक प्रेम प्रसंग के एक मामले में पूछताछ के लिए उठाए गए युवक को छुड़ाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने थाना प्रभारी पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई, पुलिसिया ज्यादती और अपराधियों से मिलीभगत जैसे गंभीर आरोप लगाए।
प्रेम प्रसंग में पूछताछ के नाम पर युवक की गिरफ्तारी
पचरुखी थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में 12 जुलाई को गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। लड़की के परिजनों ने एक मोबाइल नंबर के आधार पर गांव के ही एक युवक पर शादी की नीयत से भगाने का आरोप लगाया। पुलिस ने युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, लेकिन थाने में पिटाई किए जाने के आरोप लगे हैं।
विधायक की सीधी दखलअंदाजी, थाने में भिड़ंत
युवक के पिता ने बड़हरिया विधायक बच्चा पांडेय से न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद विधायक स्वयं थाने पहुंचे और थाना प्रभारी सनी रजक की जमकर क्लास लगाई। विधायक ने आरोप लगाया:
“एक अपराधी आपसे पकड़ाता नहीं है। 24 घंटे में हत्याकांड के अपराधी नहीं पकड़ पाए तो एसआईटी का गठन क्यों किया गया? शरीफ लोगों को उठाकर तंग करते हैं, आप लोग खुद शराब बिकवाते हैं।”
उन्होंने थाने में युवक को बिना ठोस सबूत के गिरफ्तार करने और पिटाई करने को गलत ठहराया और बांड भरवा कर युवक को तत्काल छोड़ने की मांग की। युवक को उसी दिन देर शाम छोड़ दिया गया।
थाना प्रभारी की सफाई
इस पूरे घटनाक्रम पर थाना प्रभारी सनी रजक ने सफाई देते हुए कहा:
“लड़की बालिग है और पहले भी उसी युवक के साथ भाग चुकी है। मोबाइल नंबर उसी का मिला था, इसलिए पूछताछ के लिए लाया गया था। विधायक महोदय उसी युवक को छुड़ाने आए थे।”
विधायक का पुराना राजनीतिक सफर
बच्चा पांडेय, वर्ष 2020 में लोजपा छोड़कर राजद में शामिल हुए थे और बड़हरिया विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। वे बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य टुन्ना जी पांडेय के भाई हैं और अपने तेजतर्रार राजनीतिक हस्तक्षेप के लिए पहचाने जाते हैं।


