कटिहार रेल थाना के अंदर ‘मिसफायर’! थाने के बैरक में सफाई के दौरान चली गोली; सिपाही के कंधे में जा धंसी

HIGHLIGHTS: रेल थाना परिसर में मचा हड़कंप

  • सटीक स्थान: हादसा कटिहार रेल थाना (GRP Thana) के भीतर हुआ।
  • बड़ा हादसा: ड्यूटी पर तैनात सिपाही अपनी सर्विस रिवॉल्वर की सफाई कर रहा था, तभी अचानक ट्रिगर दब गया।
  • लहूलुहान जवान: गोली सीधे बाएं कंधे में लगी; थाने में मौजूद सहकर्मियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
  • स्थिति: जवान का इलाज सदर अस्पताल में जारी है और वह फिलहाल खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

हादसे का ‘फाइल’ रिकॉर्ड: एक नजर में

  • घटनास्थल: कटिहार रेल थाना (बैरक/कार्यालय क्षेत्र)।
  • पीड़ित: रेल पुलिस (GRP) का जवान।
  • हथियार: सरकारी सर्विस रिवॉल्वर।
  • चोट: बाएं कंधे में गोली लगने से गहरा जख्म।
  • आधिकारिक पुष्टि: रेल डीएसपी ने स्पष्ट किया कि यह एक ‘दुर्घटना’ है जो थाना परिसर में हुई।

कटिहार | 18 मार्च, 2026

​कटिहार रेल थाना आज उस वक्त गोलियों की गूंज से दहल उठा, जब एक सिपाही की अपनी ही लापरवाही उस पर भारी पड़ गई। अक्सर जंक्शन की सुरक्षा में तैनात रहने वाले जवानों के लिए उनका ‘हथियार’ ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच होता है, लेकिन आज थाना परिसर के भीतर इसी हथियार ने अपने ही रक्षक को घायल कर दिया।

थाने के भीतर कैसे हुई चूक?

​मिली जानकारी के अनुसार, सिपाही रेल थाने के भीतर अपनी सर्विस रिवॉल्वर की सफाई कर रहा था:

  1. सफाई और चूक: रिवॉल्वर को अनलोड किए बिना या असावधानीवश सफाई के दौरान ट्रिगर दब गया।
  2. अफरा-तफरी: थाने के भीतर अचानक हुई फायरिंग से वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी सकते में आ गए। जब वे दौड़कर पहुंचे, तो सिपाही कंधे को पकड़कर तड़प रहा था।
  3. त्वरित उपचार: बिना देरी किए घायल जवान को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसका उपचार कर रही है।

VOB का नजरिया: थाने के भीतर सुरक्षा नियमों की अनदेखी!

​यह सुधार महत्वपूर्ण है कि घटना ‘रेल थाने’ के भीतर हुई। थाना एक ऐसी जगह है जहाँ हथियारों का रख-रखाव सबसे सुरक्षित तरीके से होना चाहिए। जंक्शन पर भीड़ के बीच ऐसी घटना नहीं हुई, यह राहत की बात है, लेकिन थाने के भीतर सफाई के दौरान गोली चलना यह दर्शाता है कि ‘हथियार प्रोटोकॉल’ का पालन ठीक से नहीं किया गया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि रेल पुलिस को अब थाना स्तर पर हथियारों की सफाई के लिए एक सुरक्षित और निर्धारित स्थान (Arms Cleaning Zone) सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा चूक न हो।

  • Related Posts

     नकली जज, फर्जी पुलिस और 20 दिन का डर: ग्रेटर नोएडा में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जाल में फंसे बुजुर्ग, 1.30 करोड़ की ठगी

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    गोरखपुर हत्याकांड का खुलासा: भतीजे से रंजिश में पूर्व पार्षद की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

    Share Add as a preferred…

    Continue reading