पटना, 25 मार्च 2026: बिहार सरकार ने राज्य में खनन कार्यों को व्यवस्थित और तेज करने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने 14 नए खनिज विकास पदाधिकारियों (Mineral Development Officers) की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। यह नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की अनुशंसा पर की गई है।
BPSC के माध्यम से हुआ चयन
विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, विज्ञापन संख्या 36/2025 के तहत चयन प्रक्रिया पूरी की गई। चयनित सभी अभ्यर्थियों को मेधा सूची के आधार पर नियुक्ति दी गई है, जिससे विभाग में पारदर्शिता और योग्यता आधारित चयन सुनिश्चित हुआ है।
पे-लेवल 9 में नियुक्ति, परिवीक्षाधीन रहेंगे अधिकारी
नवनियुक्त पदाधिकारियों को पुनरीक्षित पे-लेवल 9 के तहत वेतनमान और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अन्य भत्ते दिए जाएंगे। फिलहाल सभी अधिकारियों को परिवीक्षाधीन (Probation) अवधि में रखा गया है। उनकी सेवा शर्तें बिहार खान एवं भूतत्व सेवा नियमावली, 2008 के अनुसार लागू होंगी।
मेधा सूची में शामिल प्रमुख नाम
इस नियुक्ति में शीर्ष स्थान पर मृत्युंजय कुमार मंडल रहे हैं, जबकि ऋषत कुमार और गोपाल कुमार सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा अंकित कुमार, अम्बिक कुमार, मनीष कुमार प्रसाद, ऋचा, सौरभ कुमार, अभय कुमार, जय शंकर प्रसाद, रश्मि बाला, रबी शंकर कुमार, अंजलि आत्रेई और समीर सावर्ण जैसे अभ्यर्थी भी चयनित हुए हैं।
पोस्टिंग की प्रक्रिया जल्द
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों की पदस्थापना के लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे। नियुक्त अधिकारी निर्धारित तिथि पर संबंधित जिला खनन कार्यालयों में योगदान देंगे।
योगदान के समय क्यूआर कोड के माध्यम से उनकी पहचान सत्यापित की जाएगी, जिसमें फोटो और हस्ताक्षर का मिलान किया जाएगा।
जिलाधिकारी होंगे नियंत्रण पदाधिकारी
इन पदाधिकारियों के कार्यों की निगरानी संबंधित जिले के समाहर्ता (डीएम/कलेक्टर) करेंगे। इससे जिले स्तर पर खनन गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
दस्तावेजों की जांच और सख्त नियम
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी अधिकारी के दस्तावेजों में भविष्य में गड़बड़ी पाई जाती है, तो उनकी सेवा बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त कर दी जाएगी। इससे चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
नई पेंशन योजना होगी लागू
इन सभी नियुक्तियों पर नई अंशदायी पेंशन योजना (NPS) के नियम लागू होंगे, जो वर्तमान सरकारी नियुक्तियों के अनुरूप है।
खनन क्षेत्र में आएगी तेजी
सरकार के इस फैसले से राज्य में खनन कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। नए अधिकारियों की नियुक्ति से अवैध खनन पर नियंत्रण, राजस्व वृद्धि और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।


