मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का आज 15वां दिन है और हालात अब भी सामान्य नहीं हुए हैं। ईरान और खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। इन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत सरकार ने निकासी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसी क्रम में दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर जानकारी दी कि कतर एयरवेज की उड़ानों के जरिए लगभग 500 भारतीय नागरिक कतर से भारत के लिए रवाना हुए हैं।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई पोस्ट में दूतावास ने बताया कि इन यात्रियों ने कतर एयरवेज की उड़ानों से कोच्चि और अन्य भारतीय शहरों के लिए यात्रा की। एयरलाइन ने मानवीय आधार पर प्राकृतिक कारणों से मृत दो भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों के साथ कोच्चि ले जाने की व्यवस्था भी की।
दूतावास ने यह भी बताया कि वर्तमान परिस्थितियों के कारण कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से ही खुला है। इसी वजह से कतर एयरवेज द्वारा सीमित उड़ानों का संचालन किया जा रहा है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि 14 मार्च को मुंबई के लिए कतर एयरवेज की एक विशेष उड़ान संचालित किए जाने की योजना है। भारत से कतर जाने के इच्छुक यात्री उन उड़ानों का उपयोग कर सकते हैं, जो भारत से यात्रियों को छोड़ने के बाद दोहा वापस लौट रही हैं।
भारतीय दूतावास ने आगे बताया कि कतर के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश में स्थिति फिलहाल स्थिर है और प्रमुख क्षेत्रों में सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। कतर के अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इससे पहले पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संचालित एक विशेष उड़ान से दोहा में फंसे यात्री सुरक्षित नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। भारत पहुंचने पर यात्रियों ने राहत व्यक्त की और संकट के समय कतर प्रशासन द्वारा मिले सहयोग के लिए आभार जताया।


