मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है, और इसका असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर साफ दिखाई देने लगा है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में इस अहम समुद्री मार्ग से एक भी कच्चे तेल का टैंकर नहीं गुजरा है। ईरान द्वारा जहाजों पर हमले की धमकी के बाद सैकड़ों जहाज स्ट्रेट में फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने से बच रहे हैं। इस स्थिति ने कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि दुनिया की करीब 20% तेल और एलएनजी सप्लाई इसी रास्ते से होती है, ऐसे में इसका बंद होना वैश्विक बाजार के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
हालांकि, इस बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, भारतीय झंडे वाले एलपीजी के दो टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति मिल गई है। शिपिंग डेटा और सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ये टैंकर आने वाले दिनों में स्ट्रेट से गुजरने की तैयारी में हैं।
जहां एक ओर अधिकांश जहाज अभी भी खतरे के कारण रुके हुए हैं, वहीं भारत के इन टैंकरों को मिली अनुमति देश के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।


