विधानसभा में ‘महा-संग्राम’: नीतीश का तेजस्वी पर सीधा प्रहार, बोले- ‘कितना पैसा दिया था 6 विधायकों को तोड़ने के लिए?’

पटना | बिहार विधानसभा में गुरुवार को माहौल उस वक्त बेहद गर्म हो गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान अपनी उपलब्धियां गिना रहे नीतीश कुमार अचानक अपना आपा खो बैठे और तेजस्वी यादव पर हमलावर हो गए।

सुनील कुमार पिंटू के बयान से शुरू हुई ‘चिनगारी’

​हंगामे की शुरुआत तब हुई जब सीतामढ़ी के विधायक सुनील कुमार पिंटू सुशासन की तारीफ कर रहे थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “नीतीश कुमार के सुशासन का ही असर है कि लालू यादव मरीन ड्राइव पर घूम रहे हैं और तेजस्वी विदेश जा रहे हैं।” इस टिप्पणी पर राजद (RJD) सदस्यों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।

नीतीश का रौद्र रूप: ‘अरे बैठो… तुम बच्चा हो’

​विपक्ष के लगातार टोकाटोकी से नाराज नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हो गए। उन्होंने तेजस्वी की ओर इशारा करते हुए बेहद तल्ख लहजे में कहा:

“अरे बैठो… बैठो… तुम बच्चा हो, कुछ जानते हो? तुम्हारे बाप (लालू यादव) मेरे समय के हैं। उनकी शादी भी बाद में हुई थी, तुम्हें क्या पता कि 2005 से पहले बिहार का क्या हाल था? शाम के बाद कोई घर से बाहर नहीं निकलता था।”

 

बड़ा आरोप: 6 विधायकों को तोड़ने की रची थी साजिश?

​मुख्यमंत्री ने केवल व्यक्तिगत टिप्पणी ही नहीं की, बल्कि तेजस्वी पर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ का गंभीर आरोप भी लगाया। नीतीश कुमार ने सदन में खुलेआम पूछा:

  • “आपने छह आदमी (विधायक) को इधर-उधर करने के लिए कितना पैसा दिया था?”
  • ​नीतीश ने दावा किया कि उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए गहरी साजिश रची गई थी और तेजस्वी विधायकों को पैसे के दम पर तोड़ने की तैयारी में थे।

तेजस्वी का पलटवार: ‘सरकार में शर्म नहीं बची’

​इससे पहले तेजस्वी यादव ने भी सरकार को जमकर घेरा था। उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में “लोकतंत्र अब डरतंत्र” बन गया है। तेजस्वी ने कहा कि अपराधियों को भरोसा हो गया है कि यह सरकार उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। उन्होंने तंज कसा कि बेटियों की चीख से भी सरकार की नींद नहीं खुलती।

मार्शल और स्पीकर की सख्ती

​सदन में बढ़ती तनातनी को देख स्पीकर प्रेम कुमार ने सदस्यों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के कोई अपनी जगह से नहीं बोलेगा। इस दौरान कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही बाधित रही और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी बहस चलती रही।

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