भागलपुर, 8 जुलाई: देशव्यापी आम हड़ताल की पूर्व संध्या पर भागलपुर के स्टेशन चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर गोलंबर के निकट आज शाम संयुक्त ट्रेड यूनियनों की ओर से एक प्रभावशाली सभा का आयोजन किया गया। सभा में ऐक्टू, एटक, सीटू, सेवा और इंटक जैसी प्रमुख केंद्रीय यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों की तीखी आलोचना की।
सभा से पूर्व दिनभर मजदूर बहुल इलाकों, फैक्ट्रियों और बस्तियों में प्रचार रथ और माइकिंग के माध्यम से आम हड़ताल के समर्थन में जागरूकता अभियान चलाया गया। मजदूरों से संवाद कर उन्हें सरकार की नीतियों के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।
इंटक के जिलाध्यक्ष रवि कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा:
“केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानून मजदूरों के हितों के विरुद्ध हैं। ये कानून पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाते हैं और श्रमिकों के अधिकारों को सीमित करते हैं। इसके विरोध में हम कल देशभर में हड़ताल करेंगे।”
उन्होंने बिहार में मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि,
“चुनाव आयोग द्वारा आम मतदाताओं, खासकर गरीब और प्रवासी वर्ग, को जिस तरह परेशान किया जा रहा है, वह लोकतंत्र के खिलाफ है।”
वरिष्ठ श्रमिक नेता दशरथ प्रसाद ने कहा:
“मजदूरों को न तो उनकी उचित मजदूरी मिल रही है और न ही सम्मानजनक जीवन। सरकार उनकी आवाज दबा रही है, लेकिन हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। कल की हड़ताल हमारे संघर्ष की अगली कड़ी है।”
सभा में महिला नेताओं, स्थानीय समाजसेवियों और छात्र संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने मिलकर हड़ताल को पूर्णतः सफल बनाने का आह्वान किया।
संयुक्त यूनियनों के अनुसार, बुधवार को होने वाली हड़ताल में भागलपुर सहित पूरे बिहार से सरकारी, अर्धसरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी, मजदूर संगठन, छात्र यूनियनें, और जनसामान्य सक्रिय भागीदारी करेंगे।
आयोजकों ने आम जनता से अपील की है कि वे हड़ताल में सहयोग कर श्रमिकों के संघर्ष को मजबूती दें।


