राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि संसद का रास्ता यूपी और बिहार से होकर जाता है। यही वजह है कि इन दोनों राज्यों के चुनाव देश की राजनीति में बेहद अहम माने जाते हैं। Bihar के बाद अब अगले साल Uttar Pradesh में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
इसी कड़ी में Rahul Gandhi हाल ही में लखनऊ पहुंचे और Kanshi Ram की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। माना जा रहा था कि यह कदम दलित समुदाय को साधने की रणनीति का हिस्सा है, लेकिन इसके बाद कांग्रेस को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
मायावती ने कांग्रेस को घेरा
Mayawati ने राहुल गांधी के दौरे के बाद कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब कांशीराम का निधन हुआ था, तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया गया था।
मायावती ने यह भी कहा कि उस समय राज्य में सपा सरकार होने के बावजूद राजकीय शोक भी घोषित नहीं किया गया। उनके इस बयान को कांग्रेस के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
अन्य दलों पर भी साधा निशाना
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई दलित संगठन और राजनीतिक पार्टियां दूसरी पार्टियों के हाथों में खेलकर कांशीराम के नाम का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करती रहती हैं।
अंबेडकर को लेकर कांग्रेस पर उठाए सवाल
इतिहास का जिक्र करते हुए मायावती ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक केंद्र की सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने B. R. Ambedkar को उचित सम्मान नहीं दिया।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न से भी सम्मानित नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस ने अंबेडकर को सम्मान नहीं दिया, तो वह अब कांशीराम को यह सम्मान कैसे दे सकती है।


