
भागलपुर/नवगछिया, एजेंसी।पूर्वी बिहार में लगातार बारिश और गंगा नदी के जलस्तर में तेज़ बढ़ोतरी के कारण बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है। भागलपुर जिले में बुधवार को गंगा का पानी शहरी इलाकों में प्रवेश कर गया, जिससे दीपनगर, बूढ़ानाथ, सखीचंद घाट, किला घाट, मानिक सरकार समेत कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
बाढ़ के पानी ने तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और सबौर इंजीनियरिंग कॉलेज तक को नहीं बख्शा है। विवि के प्रशासनिक भवन और पीजी गर्ल्स हॉस्टल में पानी घुस जाने से छात्राओं ने हॉस्टल खाली करना शुरू कर दिया है। सबौर इंजीनियरिंग कॉलेज में बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्राउंड फ्लोर से सामान ऊपर शिफ्ट किया जा रहा है।
रिंग बांध टूटा, कई गांव जलमग्न
मंगलवार देर रात अकबरनगर के किसनपुर गांव में रिंग बांध टूट गया, जिससे दर्जनों गांवों में पानी घुस गया। लगभग 1,000 से अधिक आबादी बाढ़ से घिर गई है। ग्रामीण घर छोड़कर ऊंचे स्थानों और बांधों पर शरण लिए हुए हैं। कहलगांव में बाढ़ के कारण आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में पठन-पाठन ठप हो गया है।
एनएच-80 पर खतरा, डायवर्सन पर बढ़ा दबाव
सबौर के पास एनएच-80 पर बनाए गए डायवर्सन पर गंगा की तेज धारा का सीधा दबाव है। इंग्लिश गांव के ब्रह्म स्थान के समीप डायवर्सन की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन और एनएच के अभियंता लगातार मरम्मत कार्य में जुटे हैं। डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने स्थल का निरीक्षण किया और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
डायवर्सन के साथ-साथ पुलिया की कच्ची एप्रोच रोड भी गंभीर संकट में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है।
जानमाल का नुकसान
बुधवार को सबौर में बाढ़ के पानी में डूबने से एक किशोरी और एक किशोर की मौत हो गई। प्रशासन ने संवेदना जताते हुए प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
पशुधन को लेकर संकट, चारे के लिए जद्दोजहद
दियारा क्षेत्र में स्थित दर्जनों गांवों के लोग पशुधन लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। टीएनबी कॉलेजिएट मैदान, किलाघाट, हवाई अड्डा, और विश्वविद्यालय परिसर में मवेशियों को लाकर रखा जा रहा है। चारे की व्यवस्था न होने के कारण पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नवगछिया, गोपालपुर, इस्माईलपुर में भी संकट
नवगछिया, गोपालपुर, और इस्माईलपुर प्रखंडों में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गोपालपुर डिमाहा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय बोचाही में पानी घुसने से स्कूल बंद कर दिया गया है। सैदपुर पंचायत के महादलित टोला में कई घर जलमग्न हो चुके हैं। इस्माईलपुर अंचल कार्यालय के पास भी पानी प्रवेश कर चुका है और संचिकाएं सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट की जा रही हैं।
जलस्तर और पूर्वानुमान
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटे में भागलपुर में 8 सेमी, कहलगांव में 16 सेमी और फरक्का में 23 सेमी की वृद्धि हुई है। बक्सर से फरक्का तक गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि पूर्वानुमान के मुताबिक गुरुवार को भागलपुर में 18 सेमी और कहलगांव में 50 सेमी की और वृद्धि हो सकती है।
राघोपुर और इस्माईलपुर बिंदटोली में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.12 मीटर ऊपर बह रहा है, जिससे प्रशासन ने एलर्ट जारी कर दिया है।


