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बीजेपी उम्मीदवार को हराने वाले मंजीत सिंह की जदयू में घर वापसी, बोले पिता नीतीश के यहां आ गया

साल 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरकर बीजेपी उम्मीदवार को हराने वाले मंजीत सिंह की घर वापसी हो गई है. मंजीत सिंह ने बैकुंठपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था. तब पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था.

लेकिन अब एक बार फिर वह जेडीयू में शामिल हो गए हैं. जनता दल यूनाइटेड के लोकसभा सांसद ललन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी, लेसी सिंह, सुनील कुमार और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की मौजूदगी में मंजीत सिंह ने आज पार्टी की सदस्यता हासिल कर ली. पार्टी में वापसी के साथ ही मंजीत को जेडीयू ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी है. मंजीत को जदयू का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है.

जनता दल युनाइटेड में मंजीत सिंह की वापसी बेहद तामझाम के साथ हुई है. आपको बता दें कि यह वही मनजीत सिंह है, जो पिछले दिनों आरजेडी में शामिल होने का फैसला ले चुके थे. अपने सोशल मीडिया अकाउंट से लेकर हर जगह पर उन्होंने ऐलान कर दिया था कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में वह आरजेडी में शामिल होने वाले हैं.

मनजीत सिंह के इस ऐलान के बाद जेडीयू नेतृत्व एक्शन में आया आनन-फानन में मंत्री लेसी सिंह उनके घर पहुंची और फिर नीतीश कुमार से उनकी मुलाकात करवाई गई. नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मनजीत सिंह ने अपना फैसला बदल दिया. तेजस्वी के साथ जाने की बजाय वह फिर से जेडीयू में शामिल होने को तैयार हो गए.

जनता दल यूनाइटेड में घर वापसी करने के बाद मनजीत सिंह ने कहा है कि वह अपने पिता नीतीश कुमार के यहां वापस आ गए हैं. मनजीत सिंह ने कहा कि लोहिया और जेपी की किताब तेजस्वी यादव को भेंट करने का मतलब यह नहीं था कि वह आरजेडी में शामिल होने जा रहे थे. हालांकि मनजीत सिंह ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐलान किया था कि वह 3 जुलाई को आरजेडी में शामिल होंगे. मनजीत सिंह के साथ पूर्व विधायक महेश्वर सिंह भी तेजस्वी से मिलने गए थे. महेश्वर सिंह पहले ही आरजेडी में शामिल हो चुके हैं. लेकिन अब मनजीत सिंह जेडीयू में आ चुके हैं.

विधानसभा चुनाव के दौरान में बागी बन चुके मनजीत सिंह के खिलाफ पार्टी ने एक्शन लिया था. तब बीजेपी और जेडीयू ने साझा तौर पर यह घोषणा की थी कि बागियों की किसी कीमत पर घर वापसी नहीं होगी. बीजेपी अपने इस वादे पर कायम रहे लेकिन जेडीयू लगातार ऐसे नेताओं को अपने यहां वापस ले रहा है, जो बीजेपी उम्मीदवारों के खिलाफ विधानसभा चुनाव में उतरे थे.

मनजीत सिंह ने बैकुंठपुर से चुनाव लड़ा था, वहां बीजेपी के सीटिंग एमएलए मिथिलेश तिवारी चुनाव हार गए थे और आरजेडी के उम्मीदवार को जीत मिली थी. मिथिलेश तिवारी की हार में बड़ा कारण मनजीत सिंह का माना जा रहा था. मनजीत सिंह के निर्दलीय चुनाव लड़ने से एनडीए के वोटों में बिखराव हुआ. जिसकी वजह से बीजेपी उम्मीदवार की हार हुई. अब वही मनजीत सिंह एक बार फिर जेडीयू के पाले में है.