
पटना, 28 जुलाई 2025 — मनेर के राजद विधायक भाई वीरेंद्र और पंचायत सचिव संदीप कुमार के बीच मोबाइल पर हुई विवादास्पद बातचीत का ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण में अब एससी-एसटी थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी गई है।
सचिव को धमकी देने और अभद्र भाषा प्रयोग का आरोप
पंचायत सचिव संदीप कुमार ने सोमवार को पटना स्थित एससी-एसटी थाना में आवेदन देते हुए आरोप लगाया कि विधायक ने फोन पर उन्हें जूता मारने की धमकी दी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। संदीप कुमार ने बताया कि इस बातचीत से उन्हें गंभीर असुरक्षा का अनुभव हुआ और उन्होंने इस मामले में SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।
थाने में दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। संदीप कुमार ने यह भी कहा कि यदि उन्हें और अधिक खतरा महसूस हुआ, तो वह वरीय अधिकारियों से सुरक्षा की मांग भी करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
संदीप कुमार, बलुआ पंचायत में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत हैं और सराय पंचायत का भी अतिरिक्त प्रभार संभालते हैं। यह पूरा मामला 26 जुलाई की शाम 5:30 बजे का है, जब वे मनेर प्रखंड कार्यालय में कार्यरत थे। उसी समय उनके मोबाइल पर विधायक भाई वीरेंद्र का फोन आया।
संदीप के अनुसार, यह पहली बार था जब विधायक का कॉल आया, इसलिए वे उन्हें पहचान नहीं सके। कॉल पर विधायक ने रिंकी देवी के पोते का मृत्यु प्रमाण पत्र अब तक नहीं बनने को लेकर जवाब-तलब किया और गुस्से में ‘जूता मारने’ जैसी भाषा का प्रयोग किया। बातचीत के दौरान विधायक ने कथित तौर पर कहा —
“तू भाई वीरेंद्र को नहीं पहचानता और कहता है कि बोलिए? जूता मारेंगे।”
वायरल ऑडियो से भड़की बहस
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो क्लिप में स्पष्ट रूप से पंचायत सचिव और विधायक के बीच कथित तौर पर तीखी बहस सुनी जा सकती है। कॉल की शुरुआत में विधायक कहते हैं:
“मैं भाई वीरेंद्र बोल रहा हूं।”
सचिव जवाब देते हैं: “बोलिए।”
इसके बाद विधायक नाराज होकर कहते हैं: “तू नहीं पहचानता? तू बोलेगा बोलिए? जूता मारेंगे।”
जिस पर सचिव कहते हैं: “पहले आप अपना परिचय दीजिए, तभी तो जानेंगे।”
इसके बाद दोनों के बीच बहुत देर तक कहासुनी होती रही, जो अब सार्वजनिक बहस और कानूनी विवाद का कारण बन गया है।
क्या बोले सचिव संदीप कुमार?
संदीप कुमार ने कहा:
“मैं अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा था। विधायक द्वारा इस तरह की भाषा और धमकी निंदनीय है। मुझे डर महसूस हो रहा है, आवश्यकता पड़ी तो वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग करूंगा।”
पुलिस कर रही है जांच
SC-ST थाना प्रभारी के अनुसार, पंचायत सचिव द्वारा दर्ज आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की विधिवत जांच की जा रही है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो विधायक पर विशेष कानूनों के तहत कार्रवाई संभव है।
यह मामला बिहार की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र के भीतर के तनावों को उजागर करता है, जहां एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि और एक सरकारी कर्मी के बीच हुई कहासुनी अब कानूनी दायरे में पहुंच चुकी है।


