ममता सरकार बनाम चुनाव आयोग: IAS-IPS तबादलों पर कानूनी जंग, TMC पहुंची हाई कोर्ट

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी माहौल गरमा गया है। इसी बीच चुनाव आयोग द्वारा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों ने विवाद का रूप ले लिया है। सत्तारूढ़ (TMC) ने इस फैसले को चुनौती देते हुए का दरवाजा खटखटाया है।

चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल

टीएमसी का आरोप है कि द्वारा आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का सामूहिक तबादला प्रशासनिक ढांचे में अनावश्यक दखल है। पार्टी का कहना है कि इस तरह के बड़े फैसले से राज्य की प्रशासनिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है, खासकर चुनाव जैसे संवेदनशील समय में।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बनाया पक्षकार

इस मामले में टीएमसी की ओर से वरिष्ठ नेता और वकील ने पैरवी की कमान संभाली है। उन्होंने अपनी याचिका में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाया है।
याचिका को मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली खंडपीठ के समक्ष पेश किया गया, जहां जल्द सुनवाई की मांग की गई है।

राज्य सरकार से बिना परामर्श कार्रवाई का आरोप

टीएमसी की याचिका में मुख्य आपत्ति इस बात को लेकर है कि चुनाव आयोग ने इतने बड़े स्तर पर तबादले करने से पहले राज्य सरकार से कोई परामर्श नहीं किया।
पार्टी का कहना है कि मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अधिकारियों को अचानक हटाना संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।

चुनाव घोषणा के तुरंत बाद हुआ फैसला

गौरतलब है कि चुनाव की तारीखों के ऐलान के कुछ ही घंटों के भीतर चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई की थी। आयोग ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया।
हालांकि, आयोग के इस कदम को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल ने कड़ी नाराजगी जताई है।

दो चरणों में होगा चुनाव, बढ़ी राजनीतिक हलचल

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए इस बार दो चरणों में मतदान होना तय हुआ है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।

आगे क्या?

अब इस पूरे विवाद पर सबकी नजर हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है। यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारों और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अहम है, बल्कि संघीय ढांचे की व्याख्या पर भी असर डाल सकता है।

फिलहाल, चुनावी माहौल के बीच सरकार और चुनाव आयोग के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रहा है।

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