
मालदा। देश के कई हिस्सों की तरह पूर्वी भारत में भी इन दिनों भीषण गर्मी और हीटवेव का प्रभाव देखा जा रहा है। ऐसे मौसम में रेलवे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से मुक्त यात्रा उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने व्यापक स्तर पर ग्रीष्मकालीन तैयारियों को मजबूत किया है। यात्रियों को गर्मी से राहत देने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने और रेलवे परिचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए कई विशेष कदम उठाए गए हैं।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और यात्री सुरक्षा पर विशेष जोर के अनुरूप मालदा मंडल ने अपने अधीन आने वाले प्रमुख स्टेशनों पर सुविधाओं का विस्तार किया है। मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के जरिए यात्रियों के लिए गर्मी के मौसम में विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
गर्मी से राहत के लिए 34 स्टेशनों पर 92 वाटर कूलर
मालदा मंडल की ओर से सबसे बड़ी पहल यात्रियों को शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए की गई है। मंडल के 34 संवेदनशील स्टेशनों पर कुल 92 वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं ताकि यात्रियों को भीषण गर्मी में पेयजल की कमी का सामना न करना पड़े।
भागलपुर, मालदा टाउन, साहिबगंज, जमालपुर, गोड्डा, सुल्तानगंज, बरहरवा, बांका, राजमहल, पीरपैंती, मुंगेर, जंगीपुर रोड और न्यू फरक्का जैसे प्रमुख स्टेशनों पर पर्याप्त संख्या में वाटर कूलर लगाए गए हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन सभी वाटर कूलरों की नियमित सफाई, रखरखाव और निरीक्षण किया जा रहा है ताकि यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध है बोतलबंद पानी
रेलवे प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि स्टेशनों पर अधिकृत स्टॉलों में पर्याप्त मात्रा में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर उपलब्ध रहे।
एक लीटर की पानी की बोतल निर्धारित मूल्य 14 रुपये पर उपलब्ध कराई जा रही है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही पानी खरीदें और अनधिकृत स्रोतों से पानी लेने से बचें।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है।
प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार
मालदा मंडल के अंतर्गत आने वाले प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
भागलपुर, साहिबगंज, जमालपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, न्यू फरक्का और गोड्डा जैसे स्टेशनों पर प्रतीक्षालयों में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
इसके अलावा प्रतीक्षालयों और सार्वजनिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पंखे लगाए गए हैं तथा वेंटिलेशन व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है ताकि यात्रियों को अत्यधिक गर्मी का सामना न करना पड़े।
रेलवे अधिकारियों द्वारा इन सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं डॉरमेट्री और रिटायरिंग रूम
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए कई प्रमुख स्टेशनों पर वातानुकूलित और गैर-वातानुकूलित डॉरमेट्री तथा रिटायरिंग रूम की सुविधा भी उपलब्ध है।
मालदा टाउन, भागलपुर, जमालपुर, साहिबगंज, सुल्तानगंज और बरहरवा जैसे स्टेशनों पर यात्रियों को आराम करने और ठहरने की सुविधा मिल रही है।
गर्मी के मौसम में यह सुविधा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हो रही है जिन्हें ट्रेनों के बीच लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
मेडिकल इमरजेंसी से निपटने की पूरी तैयारी
ग्रीष्मकाल में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए मालदा मंडल ने चिकित्सा तैयारियों को भी मजबूत किया है।
भागलपुर, मालदा, साहिबगंज और जमालपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है।
यात्रियों के लिए ओआरएस, प्राथमिक चिकित्सा किट और आवश्यक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध रखी गई है। इसके अलावा स्टेशनों पर मौजूद मेडिकल शॉप्स के माध्यम से आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
रेलवे अस्पतालों के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए जागरूकता अभियान
रेलवे प्रशासन केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि यात्रियों को जागरूक करने का भी प्रयास कर रहा है।
मालदा रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा विभिन्न स्टेशनों पर हीट स्ट्रोक से बचाव संबंधी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
यात्रियों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने, लंबे समय तक धूप में खड़े रहने से बचने और स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत सहायता लेने की सलाह दी जा रही है।
रेलवे ट्रैक और तकनीकी व्यवस्थाओं की निगरानी
भीषण गर्मी का असर केवल यात्रियों पर ही नहीं बल्कि रेलवे ढांचे पर भी पड़ता है।
अत्यधिक तापमान के कारण कई बार रेल पटरियों में विस्तार, सिग्नलिंग सिस्टम में तकनीकी समस्या और ओवरहेड उपकरणों पर दबाव बढ़ जाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए मालदा मंडल ने रेलवे ट्रैक, ओएचई, सिग्नलिंग सिस्टम और रोलिंग स्टॉक की चौबीसों घंटे निगरानी शुरू की है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी निरीक्षण लगातार जारी है ताकि किसी भी प्रकार की समस्या को समय रहते दूर किया जा सके।
उद्घोषणा और वीडियो वॉल के जरिए जागरूकता
यात्रियों को गर्मी से बचाव के बारे में जानकारी देने के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है।
मालदा मंडल के 18 स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से समय-समय पर जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा 15 प्रमुख स्टेशनों पर लगी 25 वीडियो वॉल स्क्रीन के जरिए हीटवेव से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिखाए जा रहे हैं।
भागलपुर, कहलगांव, साहिबगंज, जमालपुर, न्यू फरक्का, सुल्तानगंज और गोड्डा सहित कई स्टेशनों पर यात्रियों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
रियल टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ी सुरक्षा
गर्मी के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रेलवे ने निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया है।
वाणिज्य, परिचालन और सुरक्षा विभाग मिलकर स्टेशनों और ट्रेनों की गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रख रहे हैं।
रेलवे कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी यात्री को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी की गई है।
नियमित निरीक्षण से सुनिश्चित हो रही गुणवत्ता
रेलवे अधिकारियों और पर्यवेक्षकों द्वारा लगातार स्टेशनों का निरीक्षण किया जा रहा है।
पेयजल सुविधाओं, प्रतीक्षालयों, पंखों, चिकित्सा केंद्रों और अन्य यात्री सुविधाओं की स्थिति पर नियमित नजर रखी जा रही है।
जहां भी किसी प्रकार की कमी या तकनीकी समस्या सामने आती है, उसे तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मालदा मंडल का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। बढ़ती गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है।
92 वाटर कूलर, बेहतर प्रतीक्षालय, मेडिकल सहायता, जागरूकता अभियान, तकनीकी निगरानी और आपातकालीन तैयारियों के जरिए मालदा मंडल यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि यात्रियों को गर्मी के मौसम में भी सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने साथ पर्याप्त पानी रखें, अधिकृत स्रोतों से ही पेयजल खरीदें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत रेलवे कर्मचारियों से संपर्क करें। इससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुखद बन सकेगी।


