
पटना: बिहार में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को राज्य के 38 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, बारिश और वज्रपात हो सकता है।
सुबह से बदला मौसम, कई जिलों में बारिश शुरू
गुरुवार सुबह राजधानी पटना समेत बक्सर, सुपौल और छपरा में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में दिन के समय ही अंधेरा छा गया, जिससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। पटना में काले बादलों ने मौसम का पूरा मिजाज बदल दिया है।
इन 38 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, जहानाबाद, अरवल, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई और बांका में आंधी और बारिश की संभावना जताई है।
प्री-मानसून एक्टिव, तापमान में आएगी गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पूर्वी हवाओं के कारण बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। अगले 24 घंटे तक अधिकांश जिलों में मौसम खराब रह सकता है। इसके चलते अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
कैमूर सबसे गर्म, कई जिलों का पारा 40 पार
पिछले 24 घंटे में मुजफ्फरपुर, मधुबनी, बेतिया और बगहा में बारिश दर्ज की गई। वहीं 42.6 डिग्री सेल्सियस के साथ कैमूर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। गया, छपरा समेत कई जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया।
15 जून तक राहत के आसार
मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 से 15 जून के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, रुक-रुककर बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों और आम नागरिकों से मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी
“अगले कुछ दिनों तक बिहार में आंधी, बारिश और वज्रपात की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। लोग सतर्क रहें और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।”


