पटना (सिविल कोर्ट) | सीबीआई की विशेष अदालत (न्यायाधीश सुनील कुमार-2) ने शनिवार को सुपौल जिले से जुड़े 1.09 करोड़ रुपये के अलकतरा घोटाले में अपना फैसला सुना दिया। साक्ष्य (सबूत) के अभाव में अदालत ने बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री मो. इलियास हुसैन समेत 17 आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया है।
ट्रांसपोर्टर दोषी करार: 8 महीने की कैद
अदालत ने इस मामले में ट्रांसपोर्टर कृष्ण कुमार केडिया को दोषी पाया है।
- सजा: उन्हें 8 महीने की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
- आरोप: वर्ष 1992 से 1996 के बीच हल्दिया से अलकतरा लाया गया था, जिसमें 6 फर्जी बिल (Supply Bills) पाए गए और 2166 मीट्रिक टन अलकतरा कम सप्लाई किया गया।
इन दिग्गजों को मिली राहत (बरी)
अदालत ने सबूतों की कमी के चलते 17 लोगों को आरोपमुक्त कर दिया। इनमें बड़े नाम शामिल हैं:
- मो. इलियास हुसैन (पूर्व पथ निर्माण मंत्री)
- शाहबुद्दीन बेग (इलियास हुसैन के निजी सचिव)
- डीपी महेश्वरी (पथ निर्माण विभाग के तत्कालीन आयुक्त सह सचिव)
इंसाफ में देरी: सुनवाई के दौरान ही मर गए 10 आरोपी
यह मामला कितना पुराना था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब कोर्ट ने आरोप तय किए थे, तब कुल 28 आरोपी थे।
- लंबी चली सुनवाई के दौरान 10 आरोपियों की मृत्यु हो गई।
- बचे हुए आरोपियों पर फैसला अब जाकर आया है।


