बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़: नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद तेज हुई CM रेस, नई सरकार पर नजरें

पटना: बिहार की सियासत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, फिलहाल वह मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे, लेकिन आने वाले दिनों में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने की पूरी संभावना है।

राज्यसभा जाने के बाद बदली राजनीतिक तस्वीर

नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। संवैधानिक नियमों के तहत एक व्यक्ति एक समय में केवल एक ही सदन का सदस्य रह सकता है, इसलिए उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता छोड़ दी।

सूत्रों के मुताबिक, वह 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ लेंगे। इसके बाद ही बिहार में नई राजनीतिक प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

CM पद की रेस में बढ़ी हलचल

नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

  • सत्ता पक्ष के अंदर चर्चाएं तेज
  • संभावित चेहरों को लेकर कयास
  • गठबंधन समीकरणों पर भी नजर

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है।

विधान परिषद सीट को लेकर नई चर्चा

नीतीश कुमार के इस्तीफे से विधान परिषद की एक अहम सीट खाली हो गई है, जिसका कार्यकाल 2030 तक था।

इस बीच यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस सीट पर उनके बेटे को मौका दिया जा सकता है।
हालांकि, इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चारों सदनों में सदस्य रह चुके हैं नीतीश

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर बेहद लंबा और अहम रहा है।

  • 1985: पहली बार विधायक बने
  • 1989: लोकसभा पहुंचे
  • 2006: विधान परिषद सदस्य
  • अब: राज्यसभा सदस्य बनने जा रहे हैं

इस तरह वह देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने संसद और राज्य के सभी सदनों में सदस्यता हासिल की है।

दो दशक से ज्यादा का शासन, अब नया दौर?

बिहार में करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार का यह फैसला राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि:

  • नया मुख्यमंत्री कौन होगा
  • सत्ता हस्तांतरण कब होगा
  • गठबंधन का समीकरण कैसे बदलेगा

आगे क्या?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा में शपथ लेने के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। आने वाले कुछ दिनों में यह साफ हो जाएगा कि राज्य की कमान किसके हाथों में जाएगी और सत्ता का समीकरण किस दिशा में बदलेगा।

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