बागमती नदी में बड़ा हादसा: 25–30 लोगों से भरी नाव पलटी, एक की मौत; कई लापता, रेस्क्यू जारी

शिवहर के तरियानी क्षेत्र में अफरा-तफरी, खेत में काम करने जा रहे थे सभी लोग; प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर

पटना/शिवहर, 3 अप्रैल: बिहार के शिवहर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां बागमती नदी में एक नाव पलटने से कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई। तरियानी थाना क्षेत्र के खुरपट्टी गांव के पास हुई इस घटना में अब तक एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

बीच धार में असंतुलित हुई नाव, अचानक पलटी

जानकारी के अनुसार, नाव में सवार लगभग 25 से 30 लोग नदी पार कर गेहूं की कटनी के लिए जा रहे थे। जैसे ही नाव नदी के बीच धार में पहुंची, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। देखते ही देखते नाव में सवार लोग पानी में गिर गए, जिससे चीख-पुकार मच गई।

कुछ ने तैरकर बचाई जान, कई अब भी लापता

हादसे के बाद कई लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए तैरकर किसी तरह किनारे तक पहुंचकर अपनी जान बचाई। लेकिन कई लोग नदी की तेज धारा में बह गए, जिनकी तलाश अभी भी जारी है। एक महिला की मौत की पुष्टि होने से इलाके में शोक का माहौल है।

ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव, प्रशासन मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। कई लोग खुद नदी में उतरकर लापता लोगों की तलाश में जुट गए। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।

एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो आधुनिक उपकरणों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई है।

ओवरलोडिंग और तेज धारा बनी वजह?

स्थानीय लोगों का कहना है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और उस समय नदी का बहाव भी काफी तेज था, जिससे हादसा हुआ। हालांकि, घटना के सही कारणों की जांच प्रशासन द्वारा की जा रही है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

बागमती नदी में नाव पलटने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस बार भी ओवरलोडिंग और सुरक्षा की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

परिजनों में कोहराम, नदी किनारे जुटी भीड़

हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। जिन परिवारों के सदस्य नाव में सवार थे, वे नदी किनारे अपने अपनों की तलाश में परेशान हैं। महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रशासन का भरोसा—तेजी से चल रहा रेस्क्यू

प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, घटना की जांच कर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।

यह हादसा एक बार फिर नदी पार करने की असुरक्षित व्यवस्था और निगरानी की कमी को उजागर करता है।

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