नालंदा जिला के राजगीर में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लखीसराय जिला के अलसी प्रखंड स्थित गरूआ पुरसंडा मध्य विद्यालय से शैक्षणिक परिभ्रमण पर आए छात्रों की बस में अचानक आग लग गई। बस में करीब 50 छात्र-छात्राएं और शिक्षक सवार थे। चालक की सतर्कता और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इंजन से उठी चिंगारी, मची अफरा-तफरी
घटना राजगीर-गिरियक मार्ग पर आयुध निर्माणी नालंदा के गेट नंबर-2 के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस के इंजन से अचानक धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं। स्थिति भांपते ही चालक हीरालाल ने बस को तुरंत सड़क किनारे रोका और सभी बच्चों को सुरक्षित उतार दिया।
स्थानीय लोगों ने संभाली स्थिति
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद शुरू की और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। पास की एक सर्फ फैक्ट्री के संचालक राहुल कुमार ने अपनी फैक्ट्री से दो एबीसी फायर एक्सटिंग्विशर और डोलोमाइट पाउडर लाकर आग बुझाने में सहयोग किया। फैक्ट्री कर्मियों और स्थानीय लोगों की सक्रियता से आग को फैलने से रोका जा सका।
राहुल कुमार ने बताया,
“आग बुझाने में एक बोरा डोलोमाइट पाउडर और दो फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग किया गया, जिससे आग को फैलने से रोका जा सका।”
अग्निशमन टीम ने पाया काबू
कुछ ही देर में अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग को पूरी तरह बुझा दिया। राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार ने पुष्टि की कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सभी छात्र-छात्राएं सुरक्षित हैं, हालांकि घटना के बाद वे काफी घबराए हुए थे।
उन्होंने कहा,
“समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे सभी छात्र सुरक्षित हैं।”
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या इंजन की तकनीकी खराबी माना जा रहा है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। बस को काफी नुकसान पहुंचा है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
राजगीर में इन दिनों विभिन्न जिलों से छात्र-छात्राएं शैक्षणिक परिभ्रमण पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में बसों की तकनीकी जांच और फायर सेफ्टी उपकरणों की अनिवार्यता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

