भोजपुर। बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भोजपुर जिले के कुख्यात अपराधी ठाकुर यादव को झारखंड के रामगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है। ठाकुर यादव पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह एक साल से ज्यादा समय से फरार चल रहा था।
मॉल फायरिंग कांड से आया था सुर्खियों में
ठाकुर यादव का नाम 3 अक्टूबर 2024 को सरैया बाजार स्थित एक मॉल में हुई फायरिंग की घटना के बाद चर्चा में आया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार अपराधी मॉल में घुसे और दुकानदारों को धमकाते हुए कहा—
“ठाकुर यादव ने दुकान बंद करने को कहा है”
इसके बाद दहशत फैलाने के लिए गोलियां चलाई गई थीं। इस घटना के बाद से ही एसटीएफ और भोजपुर पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
झारखंड में छिपकर काट रहा था फरारी
एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के सरैया निवासी लाल बाबू यादव का पुत्र ठाकुर यादव झारखंड के रामगढ़ में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद शुक्रवार को एसटीएफ ने रामगढ़ में छापेमारी कर उसे घेराबंदी के बाद गिरफ्तार कर लिया।
अपराध का लंबा और खतरनाक इतिहास
ठाकुर यादव का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद गंभीर रहा है। अकेले कृष्णगढ़ थाना में ही उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं—
- 2016: हत्या का मामला
- 2017: लूट और डकैती के तीन अलग-अलग केस
- 2023: रंगदारी और लूट के दो मामले
- 2023: अवैध हथियार के साथ गिरफ्तारी
इलाके में वह लंबे समय से दहशत और रंगदारी का पर्याय बना हुआ था।
रिश्तेदारों के साथ चलाता था गैंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि मॉल फायरिंग कांड में ठाकुर यादव के साथ उसका रिश्तेदार सुजीत यादव (निवासी—कौशिक दुलारपुर) भी शामिल था। फिलहाल पुलिस ठाकुर यादव से पूछताछ कर रही है और—
- गिरोह के अन्य सदस्यों
- फरारी के दौरान शरण देने वालों
- अवैध नेटवर्क और हथियार सप्लाई
से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है।


