एसएसबी की बड़ी कार्रवाई: सुपौल बॉर्डर पर मानव तस्करी की कोशिश नाकाम, 4 नाबालिगों समेत 5 का रेस्क्यू; लाखों की नेपाली करेंसी जब्त

सुपौल: भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक बार फिर बड़ी सतर्कता दिखाते हुए मानव तस्करी के प्रयास को नाकाम कर दिया है। सुपौल जिले के बीरपुर क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में 5 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं। इसके साथ ही एक अलग ऑपरेशन में भारी मात्रा में नेपाली मुद्रा भी बरामद की गई है।

सीमा पर विशेष पेट्रोलिंग के दौरान मिली सफलता
जानकारी के अनुसार, एसएसबी की 45वीं वाहिनी के जवान नरपतपट्टी सीमा चौकी के पास नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। जब जवानों ने हस्तक्षेप कर जांच की, तो पाया कि कुछ लोगों को अवैध तरीके से सीमा पार कराया जा रहा था। तुरंत कार्रवाई करते हुए जवानों ने 5 लोगों को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।

रेस्क्यू किए गए लोगों में 4 नाबालिग शामिल
एसएसबी अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों में 3 नाबालिग लड़कियां, 1 नाबालिग लड़का और 1 वयस्क युवक शामिल है। सभी नेपाल के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि उन्हें बेहतर रोजगार और उज्ज्वल भविष्य का झांसा देकर भारत लाया जा रहा था।

जयपुर ले जाने की थी तैयारी
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि तस्कर इन लोगों को नेपाल से भारत लाकर जयपुर ले जाने की योजना बना रहे थे। इसमें एक भारतीय और एक नेपाली तस्कर की संलिप्तता सामने आई है। एसएसबी की मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।

शैलेशपुर बॉर्डर पर अलग कार्रवाई, लाखों की करेंसी जब्त
इसी अभियान के तहत 18 मार्च को शैलेशपुर सीमा चौकी पर एक और बड़ी सफलता मिली। चेकिंग के दौरान नेपाल से भारत आ रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। तलाशी लेने पर उसके पास से 3,50,000 नेपाली रुपये बरामद हुए। आरोपी इस रकम से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिसके बाद राशि जब्त कर उसे आगे की कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग को सौंप दिया गया।

विशेष टीम की मुस्तैदी से सफल ऑपरेशन
इस पूरे ऑपरेशन में एसएसबी के कई अधिकारियों और जवानों ने अहम भूमिका निभाई। 17 मार्च से ही सीमावर्ती इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ी सफलता मिली है।

तस्करों के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी
एसएसबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सीमा पर किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

सुरक्षा में कोई समझौता नहीं
सीमा पर जवानों की सतर्कता और तत्परता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है। इस कार्रवाई से न सिर्फ एक बड़ी वारदात टल गई, बल्कि तस्करी के गिरोह को भी बड़ा झटका लगा है।

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