
विस्फोट और कोच पटरी से उतरने जैसी स्थिति का किया गया अभ्यास, कई विभागों ने मिलकर दिखाया बेहतरीन तालमेल
रेलवे परिसरों में यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को और मजबूत करने के उद्देश्य से मालदा मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास 31 मार्च 2026 को किया गया, जिसमें आपदा जैसी स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई की क्षमता को परखा गया।
यह मॉक ड्रिल मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ) आशिम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। इस दौरान एक काल्पनिक आपातकालीन स्थिति बनाई गई, जिसमें विस्फोट के बाद प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर एक कोच के पटरी से उतरने का परिदृश्य तैयार किया गया। इस घटना के कारण डाउन लाइन प्रभावित होने की स्थिति भी दर्शाई गई।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और आपदा के समय उनकी प्रतिक्रिया क्षमता को जांचना था। मॉक ड्रिल के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों का पूरा सिमुलेशन किया गया, जिसमें घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और स्थिति को नियंत्रित करने की प्रक्रिया को बारीकी से प्रदर्शित किया गया।
इस संयुक्त अभ्यास में आरपीएफ पोस्ट साहिबगंज, जीआरपी, वाणिज्य विभाग, एसएसई (कोचिंग एंड वैगन), स्टेशन अधीक्षक, बुकिंग स्टाफ और चिकित्सा विभाग ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित निर्णय क्षमता देखने को मिली, जो किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में बेहद अहम साबित हो सकती है।
मॉक ड्रिल के दौरान यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों को भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी लावारिस सामान या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे या सुरक्षा कर्मियों को दें। साथ ही यह भरोसा दिलाया गया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इस अभ्यास में कुल 25 आरपीएफ कर्मियों सहित कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर उत्कृष्ट समन्वय और पेशेवर तत्परता का प्रदर्शन किया।
मालदा मंडल की यह पहल साफ तौर पर दर्शाती है कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है।


