
द वॉयस ऑफ बिहार | भागलपुर
भागलपुर जिले में अवैध उत्खनन और ओवरलोडेड ट्रकों के परिचालन को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ‘पासिंग गिरोह’ का सदस्य बिना किसी रोक-टोक के ओवरलोडेड ट्रकों को सीमा पार कराने का दावा कर रहा है। यह ऑडियो जिले के पुलिस और प्रशासनिक सूचना तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
“सब मैनेज है…” – वायरल ऑडियो की सनसनीखेज बातें
वायरल हो रहे इस ऑडियो में गिरोह का सदस्य किसी ट्रक मालिक या ड्राइवर से बात कर रहा है। बातचीत के मुख्य अंश इस प्रकार हैं:
- अफसरों के नाम पर सौदेबाजी: गिरोह का सदस्य दावा कर रहा है कि उसकी पहुंच ‘सीनियर से लेकर जूनियर’ पुलिस पदाधिकारियों तक है और सब कुछ ‘मैनेज’ किया जा चुका है।
- तय रेट चार्ट: ऑडियो में ट्रकों को सुरक्षित पास कराने के लिए एक निश्चित राशि (रेट) का भी जिक्र किया गया है।
- थाना क्षेत्रों का जाल: बातचीत से संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क जिले के कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय है, जो पुलिस गश्त की सटीक लोकेशन ट्रकों को देता है।
कैसे काम करता है यह ‘पासिंग गिरोह’?
भागलपुर के कई इलाकों में यह पासिंग गिरोह सक्रिय है, जो खास तौर पर बालू और गिट्टी लदे ओवरलोडेड ट्रकों को अपना शिकार बनाता है या उन्हें ‘सुरक्षा’ प्रदान करता है।
- व्हाट्सएप ग्रुप का खेल: ये गिरोह अक्सर सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए पुलिस की गाड़ियों की लोकेशन साझा करते हैं।
- कोड वर्ड का इस्तेमाल: बातचीत में अक्सर कोड वर्ड्स का इस्तेमाल किया जाता है ताकि पुलिस को भनक न लगे।
- लाइन क्लियरेंस: गिरोह के सदस्य बाइक पर आगे-आगे चलते हैं और ‘लाइन क्लियर’ होने का इशारा मिलने पर ही ओवरलोडेड ट्रक आगे बढ़ते हैं।
पुलिस की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
हैरानी की बात यह है कि ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने और चर्चा का विषय बनने के बावजूद, अब तक जिला पुलिस के आला अधिकारियों ने इस पर कोई आधिकारिक संज्ञान नहीं लिया है।
- जांच की मांग: स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराने और इसमें शामिल सफेदपोशों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- राजस्व का नुकसान: ओवरलोडिंग के इस खेल से न केवल सड़कों की स्थिति खराब हो रही है, बल्कि सरकार को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।


