
भागलपुर/मालदा: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यात्रियों के सामान की चोरी में शामिल गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त अभियान में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके कब्जे और ठिकानों से लगभग ₹1 करोड़ मूल्य की चोरी की संपत्ति बरामद की गई है।
ट्रेन में चेकिंग के दौरान पकड़े गए संदिग्ध
यह कार्रवाई 19 मार्च 2026 को विशेष इनपुट के आधार पर की गई। जानकारी मिली थी कि ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामान—खासकर सोना, चांदी और मोबाइल—की लगातार चोरी हो रही है।
इसी सूचना पर RPF, GRP और CIB की संयुक्त टीम ने भागलपुर रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ाई। जब 13071 हावड़ा–जमालपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर पहुंची, तब कोच S-07 में सघन जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।
तलाशी में मिले चौंकाने वाले सबूत
दोनों आरोपियों की तलाशी लेने पर कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए। इनमें
- कटर ब्लेड
- सोने जैसे लॉकेट
- मोबाइल फोन
शामिल थे। पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने एक संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की, जहां से बड़ी मात्रा में चोरी के गहने और नकदी बरामद हुई।
क्या-क्या हुआ बरामद
छापेमारी के दौरान मिले सामान की सूची बेहद चौंकाने वाली है। बरामदगी में शामिल हैं:
- सोने जैसे आभूषण: कंगन, चेन, लॉकेट, मंगलसूत्र, झुमके, नथ, अंगूठियां
- चांदी के आभूषण: पायल, चेन, कंगन, सिक्के, अंगूठियां
- अन्य सामान: पीतल का कंगन, विदेशी और भारतीय मुद्रा
इन सभी की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ बताई जा रही है।
अधिकारियों की निगरानी में चला ऑपरेशन
यह पूरा अभियान ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ और ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत चलाया गया।
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल सुरक्षा आयुक्त आशिम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई अंजाम दी गई।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और खुफिया तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तार आरोपियों और बरामद सामान को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है। साथ ही, इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
यात्रियों के लिए अपील
RPF ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत:
- नजदीकी रेलवे कर्मचारी
- RPF/GRP जवान
- या रेल मदद प्लेटफॉर्म
के माध्यम से दें।
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि रेलवे सुरक्षा बल अब ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में सक्रिय अपराधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


