पटना | 20 मार्च 2026: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दरों को समान करने का ऐलान किया है।
दर बढ़ाने का प्रस्ताव हुआ खारिज
बिजली वितरण कंपनियों ने बढ़ती लागत और वित्तीय दबाव का हवाला देते हुए प्रति यूनिट करीब 35 पैसे तक की दर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। कंपनियों का तर्क था कि ऑपरेशनल खर्च बढ़ने के कारण टैरिफ में संशोधन जरूरी है।
हालांकि, आयोग ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। सुनवाई के दौरान आयोग ने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति में कंपनियां घाटे में नहीं, बल्कि लाभ की स्थिति में हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं होगा।
शहर और गांव में अब एक जैसी दर
इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दरों का अंतर खत्म कर दिया गया है। पहले दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग टैरिफ लागू होते थे, लेकिन अब एक समान दर लागू होने से व्यवस्था सरल और पारदर्शी बनेगी।
इसका सीधा फायदा खास तौर पर शहरी उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है, जहां पहले बिजली दरें अपेक्षाकृत अधिक थीं।
शहरी उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा
नए टैरिफ के तहत शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट करीब 1.50 रुपये तक की राहत मिल सकती है। वहीं छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को लगभग 1.20 रुपये प्रति यूनिट तक की बचत होने का अनुमान है।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यावसायिक कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जहां दरों में करीब 40 पैसे प्रति यूनिट तक कमी आ सकती है।
लाखों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ
आयोग के इस फैसले से राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। महंगाई के इस दौर में बिजली बिल में राहत आम लोगों के लिए बड़ी मदद साबित होगी।
इससे घरेलू बजट पर दबाव कम होगा, वहीं छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक राहत मिलेगी।
बिजली व्यवस्था सुधार पर जोर
आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि आगे बिजली कंपनियों को अपनी कार्यक्षमता सुधारने और वित्तीय प्रबंधन बेहतर करने पर ध्यान देना होगा। उपभोक्ताओं के हितों से समझौता किए बिना बिजली सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
निष्कर्ष
बिहार में बिजली दरों को लेकर लिया गया यह फैसला आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। दरों में बढ़ोतरी रोकने और शहरी-ग्रामीण अंतर खत्म करने से उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। आने वाले समय में यह निर्णय राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को और संतुलित बनाने में मददगार साबित हो सकता है।


