बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: छुट्टी लेना हुआ आसान, नीतीश सरकार ने लागू की नई डिजिटल व्यवस्था

पटना — बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए अवकाश (लीव) लेने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत अब सभी कर्मचारियों को छुट्टी के लिए आवेदन मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल के जरिए ही करना होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अब सभी विभागों में अनिवार्य रूप से लागू होगी।

डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता पर जोर

राज्य सरकार प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से HRMS के अवकाश प्रबंधन मॉड्यूल को सख्ती से लागू कर रही है। पहले यह प्रणाली लागू तो थी, लेकिन कई विभागों में तकनीकी दिक्कतों और लापरवाही के कारण इसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था।

अब सरकार ने निर्देश दिया है कि हर विभाग और कार्यालय में केवल डिजिटल माध्यम से ही छुट्टी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

लीव बैलेंस की बाधा खत्म

नई व्यवस्था में कर्मचारियों को सबसे बड़ी राहत यह मिली है कि अब छुट्टी के लिए आवेदन करने से पहले ‘लीव बैलेंस’ अपडेट होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

कर्मचारी सीधे अपने लॉगिन से आवेदन कर सकेंगे और सिस्टम बिना अपडेटेड बैलेंस के भी आवेदन स्वीकार करेगा। इससे आवेदन प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी।

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

सरकार ने इस नई व्यवस्था में अधिकारियों और विभागीय एडमिन की जिम्मेदारी भी स्पष्ट कर दी है। अब यह उनकी जिम्मेदारी होगी कि किसी भी छुट्टी को मंजूर करने से पहले संबंधित कर्मचारी का लीव बैलेंस सही तरीके से अपडेट किया जाए।

इससे भविष्य में रिकॉर्ड में गड़बड़ी या विवाद की संभावना कम होगी।

छुट्टी रद्द करने के नियम हुए सख्त

नई गाइडलाइन के अनुसार, एक बार छुट्टी स्वीकृत हो जाने के बाद उसे बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के न तो रद्द किया जा सकेगा और न ही वापस लिया जा सकेगा।

इसके अलावा, अब कागजी आवेदन मान्य नहीं होंगे। केवल HRMS पोर्टल पर दर्ज और सिस्टम-जनरेटेड रिकॉर्ड को ही आधिकारिक माना जाएगा।

सभी विभागों को दिए गए निर्देश

बिहार सरकार ने सभी विभागों और क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे इस नई व्यवस्था की जानकारी हर कर्मचारी तक पहुंचाएं। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि सभी कर्मचारी इस डिजिटल सिस्टम का सही तरीके से उपयोग करना सीखें।

निष्कर्ष

नई डिजिटल अवकाश प्रणाली से न सिर्फ कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी। यह कदम बिहार सरकार के ई-गवर्नेंस और स्मार्ट प्रशासन की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

  • Related Posts

    जिला टॉपर सादिया खातून का सम्मान, बिहपुर में आयोजित समारोह में किया गया अभिनंदन

    भागलपुर/बिहपुर — इंटरमीडिएट परीक्षा में…

    Continue reading
    स्क्रैप से तैयार हुआ हाई-टेक कंप्रेसर: जमालपुर लोको शेड की अनोखी पहल, लागत और ऊर्जा दोनों में बचत

    मालदा — पूर्व रेलवे के…

    Continue reading