खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ी कार्रवाई: रांची पुलिस ने लालपुर और चुटिया इलाकों में मारा छापा।
- हिरासत: 5 लड़कियां और 3 युवक आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए।
- बंगाल कनेक्शन: पश्चिम बंगाल से ज्यादा पैसों का लालच देकर बुलाई जाती थीं लड़कियां।
- हाई-टेक धंधा: व्हाट्सएप और अन्य ऐप्स के जरिए ग्राहकों को भेजी जाती थीं तस्वीरें।
रांची | 02 मार्च, 2026 : झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। शहर के रिहायशी इलाकों और होटलों में चल रहे इस ‘गंदे धंधे’ पर एसएसपी की गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने सर्जिकल स्ट्राइक की। लालपुर और चुटिया थाना क्षेत्रों में की गई इस छापेमारी में पुलिस ने 5 युवतियों और 3 युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर के होटल संचालकों और अवैध धंधे में शामिल सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
पश्चिम बंगाल से ‘सप्लाई’, रांची में ‘खपत’
पुलिस की प्राथमिक जांच में इस रैकेट के तार पश्चिम बंगाल से जुड़े मिले हैं। गिरोह के सदस्य बंगाल की गरीब लड़कियों और महिलाओं को ज्यादा पैसे कमाने का झांसा देकर रांची बुलाते थे।
- अड्डे: इन लड़कियों को स्टेशन रोड के होटलों, निजी गर्ल्स हॉस्टलों और किराए के मकानों में रखा जाता था।
- पुराना रिकॉर्ड: गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी लालपुर के एक नामी गर्ल्स हॉस्टल से बंगाल की 10 लड़कियां इसी मामले में पकड़ी गई थीं, जिससे साफ है कि यह सिंडिकेट काफी समय से सक्रिय है।
हाई-टेक डीलिंग: ‘फोटो’ देखो, ‘रेट’ तय करो और ‘डिलीवरी’ लो
यह गिरोह तकनीक का इस्तेमाल कर बेहद शातिराना तरीके से पुलिस की नजरों से बचकर काम कर रहा था।
- सोशल मीडिया का जाल: ग्राहकों से संपर्क करने के लिए व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया ऐप्स का सहारा लिया जाता था।
- वर्चुअल शोरूम: दलाल ग्राहकों को लड़कियों की तस्वीरें भेजते थे।
- डीलिंग: जब पैसों की बात तय (डील फाइनल) हो जाती थी, तो गिरोह के सदस्य खुद बाइक या कार से लड़की को तयशुदा लोकेशन (होटल या कमरा) पर पहुँचाते थे।
कमरों से मिलीं आपत्तिजनक सामग्रियां
छापेमारी के दौरान पुलिस को कमरों की तलाशी में कई आपत्तिजनक सामग्रियां, मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। हिरासत में लिए गए तीनों युवक स्थानीय बताए जा रहे हैं, जो ग्राहकों के रूप में वहां मौजूद थे। पुलिस अब इन लड़कियों के बयान दर्ज कर रही है ताकि उन्हें ‘विक्टिम’ या ‘आरोपी’ के तौर पर श्रेणीबद्ध किया जा सके।
मास्टरमाइंड अब भी फरार: पुलिस की तलाश जारी
एसएसपी रांची के अनुसार, पुलिस का मुख्य लक्ष्य इस गिरोह का ‘किंगपिन’ या मास्टरमाइंड है, जो पर्दे के पीछे से यह पूरा सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा है। पकड़े गए लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस शहर के कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अरगोड़ा और लालपुर के बाद अब चुटिया में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि पुलिस शहर को ‘क्लीन’ करने के मिशन पर है।
VOB का नजरिया: सुरक्षा और चौकसी की जरूरत
रांची जैसे बढ़ते शहर में निजी हॉस्टलों और होटलों का उपयोग देह व्यापार के लिए होना सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नागरिकों से अपील करता है कि अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। मकान मालिकों के लिए भी यह जरूरी है कि वे किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराएं।


