पटना, 22 मार्च 2026: राजधानी पटना के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल दीघा में ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत दीघा स्थित गोलंबर (रोटरी) का दायरा मौजूदा आकार से लगभग तीन गुना तक बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही यहां सड़क नेटवर्क को भी नए सिरे से विकसित किया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु और व्यवस्थित हो सके।
क्यों जरूरी हुआ यह प्रोजेक्ट
दीघा इलाका पटना का एक अहम ट्रैफिक जंक्शन है, जहां अटल पथ, जेपी गंगा पथ, पाटली पथ और जेपी सेतु से आने-जाने वाले वाहनों का दबाव एक साथ पड़ता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में अक्सर लंबा जाम लग जाता है। खासकर ऑफिस टाइम, छुट्टियों और त्योहारों के दौरान हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं।
क्या-क्या होगा नया बदलाव
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में कई बड़े बदलाव शामिल हैं—
- गोलंबर का दायरा करीब 3 गुना तक बढ़ाया जाएगा
- गोलंबर के चारों ओर 4 नई सड़कों का निर्माण
- अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए सीधे और व्यवस्थित रूट
- ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक डिजाइन और प्लानिंग
इन बदलावों से न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि ट्रैफिक मैनेजमेंट भी ज्यादा प्रभावी हो सकेगा।
गंगा पथ और जेपी सेतु से मिलेगा कनेक्शन
इस प्रोजेक्ट को दीघा-शेरपुर गंगा पथ एक्सटेंशन से भी जोड़ा जाएगा। आने वाले समय में 6 लेन वाले जेपी सेतु से भारी वाहनों—जैसे बस और ट्रक—का संचालन बढ़ेगा। ऐसे में इस क्षेत्र में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था बेहद जरूरी हो जाती है, जिसे यह नया गोलंबर सुनिश्चित करेगा।
मरीन ड्राइव बनेगा नया आकर्षण
इस योजना का एक खास पहलू यह भी है कि गंगा किनारे स्थित मरीन ड्राइव के दायरे को भी बढ़ाया जाएगा। यहां—
- हरियाली और लैंडस्केपिंग
- आकर्षक लाइटिंग
- बैठने और घूमने के लिए बेहतर पब्लिक स्पेस
जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यह इलाका एक प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट के रूप में उभर सकता है।
आम लोगों को क्या फायदा
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद—
- रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी
- यात्रा का समय कम होगा
- ईंधन की बचत होगी
- सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद
- इलाके की सुंदरता और वैल्यू बढ़ेगी
सरकार की तैयारी और उम्मीद
राज्य सरकार ने अधिकारियों को इस परियोजना को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना तय समयसीमा में पूरी हो जाती है, तो यह पटना के ट्रैफिक सिस्टम में बड़ा बदलाव ला सकती है और शहर के विकास को नई दिशा दे सकती है।
कुल मिलाकर, दीघा गोलंबर का विस्तार सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पटना को एक स्मार्ट और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


