मधुबनी में बड़ा पुलिस एक्शन: टॉप-10 मोस्ट वॉन्टेड अमरेन्द्र पासवान गिरफ्तार

नेपाल कनेक्शन वाला गैंगस्टर, 23 बड़े केसों में वांछित; रात में घरों में घुसकर करता था डकैती

मधुबनी।बिहार में अपराध पर नकेल कसने के अभियान के बीच मधुबनी पुलिस और STF ने गुरुवार देर रात एक बड़ी सफलता हासिल की।
फुलपरास थाना क्षेत्र से जिले के टॉप-10 वांछित अपराधियों में शामिल अमरेन्द्र पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह वही अपराधी है जिसकी दहशत मधुबनी से लेकर दरभंगा तक फैली हुई थी और जो लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।


गुप्त सूचना पर हुई संयुक्त छापेमारी, नेपाल गिरोह से था कनेक्शन

4 दिसंबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अमरेन्द्र पासवान अपने गांव बेलमोहन में मौजूद है।
इसके बाद मधुबनी पुलिस और STF की टीम ने संयुक्त छापेमारी की और बिना किसी प्रतिरोध के उसे धर दबोचा।

पुलिस सूत्रों की मानें तो अमरेन्द्र का नेटवर्क नेपाल में सक्रिय अपराधियों से सीधा जुड़ा हुआ था।
इनके साथ मिलकर वह बड़ा और संगठित गिरोह चला रहा था, जो सीमावर्ती इलाकों में—

  • डकैती,
  • घरों में घुसकर बंधक बनाना,
  • हथियार के दम पर लूट,
  • चोरी और गृहभेदन

जैसी वारदातों को अंजाम देता था।


कौन है अमरेन्द्र पासवान?—23 गंभीर मामलों में वांछित, हर वारदात में गैंग का सरगना

गिरफ्तार आरोपी

  • अमरेन्द्र पासवान, पिता भिखारी पासवान
    निवासी — बेलमोहन, थाना फुलपरास, मधुबनी

पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार अमरेन्द्र पर 23 मामले दर्ज हैं।
इनमें शामिल हैं—

  • डकैती — धारा 395/397
  • हत्या का प्रयास — धारा 307
  • महिलाओं पर हमला — धारा 354
  • आर्म्स एक्ट
  • नई BNS 2023 की गंभीर धाराएँ
  • चोरी, लूट और बंधक बनाना

मधुबनी, दरभंगा, अररिया, झंझारपुर, और पंडौल थानों में उसके खिलाफ कई वारंट लंबित थे।


कैसे करता था वारदात?—पुलिस का खुलासा

अमरेन्द्र रात के समय ग्रामीण इलाकों में गिरोह के साथ घरों को टारगेट करता था।
पूरे परिवार को हथियार के बल पर बंधक बनाता, बच्चों और महिलाओं को डराकर नकदी और कीमती सामान लूट लेता था।
वारदात से पहले नेपाल के साथियों के साथ प्लानिंग करता और घटना के बाद सीमा पार गायब हो जाता था ताकि बिहार पुलिस उसे पकड़ न सके।

पुलिस की शब्दों में—

“यह गैंग बेहद सक्रिय था और वारदातें इतनी तेजी से करता था कि कई मामलों में सुराग तक नहीं मिल पाता था।”


ऑपरेशन के बाद पुलिस को राहत, लोगों ने भी ली सांस

स्थानीय पुलिस ने माना है कि यह गिरफ्तारी जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।
कई महीनों से अमरेन्द्र की वजह से सीमावर्ती इलाकों में भय का माहौल बना हुआ था।
लोग घरों में रात को ताला लगाकर भी सुरक्षित महसूस नहीं करते थे।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया—

“यह गिरफ्तारी सिर्फ एक अपराधी की नहीं, बल्कि एक पूरे नेटवर्क के टूटने की शुरुआत है। गिरोह के बाकी सदस्यों पर भी जल्द कार्रवाई होगी।”


क्या आगे होगा?—पूछताछ में कई राज़ खुलने की उम्मीद

पुलिस अब अमरेन्द्र को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि—

  • नेपाल में उसका कनेक्शन,
  • उसके गैंग के बाकी सदस्य,
  • हालिया लूट और डकैती की घटनाओं की साजिश,
  • हथियारों की सप्लाई लाइन

जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा हो सके।

ज्यादा संभावना है कि आने वाले दिनों में कई और पुराने केस सुलझेंगे।


 

 

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