समाचार के मुख्य बिंदु: इस्माईलपुर दियारा में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा प्रहार
- बड़ी सफलता: नवगछिया पुलिस और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने दो कुख्यात अपराधियों को अवैध हथियार और भारी मात्रा में कारतूस के साथ गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तार अपराधी: इस्माईलपुर थाना क्षेत्र के कमलाकुंड निवासी मुकेश यादव और गोपालपुर के लतरा गांव निवासी राजू यादव पुलिस की गिरफ्त में।
- बरामदगी: एक कट्टा और कुल 31 जिंदा कारतूस (मुकेश के पास से 27 और राजू के पास से 4 कारतूस) बरामद।
- साजिश का पर्दाफाश: अपराधी दियारा क्षेत्र में किसानों की फसल लूटने और लोगों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से हथियार के साथ जमा हुए थे।
- अभियान: नवगछिया एसपी राजेश कुमार के निर्देश पर मंगलवार की रात दियारा के विभिन्न इलाकों में सघन छापेमारी की गई।
- VOB इनसाइट: फसल कटाई के मौसम में दियारा क्षेत्रों में ‘फसल लूट’ एक पुरानी चुनौती रही है; एसटीएफ की सक्रियता ने इस बार माफियाओं के हौसले पस्त कर दिए हैं।
नवगछिया | 26 मार्च, 2026
बिहार के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत इस्माईलपुर गंगा दियारा क्षेत्र में पुलिस ने अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए दो कुख्यातों को गिरफ्तार किया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, ये अपराधी किसानों द्वारा मेहनत से उगाई गई फसलों को लूटने और क्षेत्र में अपनी धाक जमाने की फिराक में थे। समय रहते मिली खुफिया सूचना और एसटीएफ के साथ नवगछिया पुलिस के तालमेल ने एक बड़ी घटना को टाल दिया है।
गुप्त सूचना और आधी रात का ऑपरेशन
नवगछिया के पुलिस अधीक्षक (SP) को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि इस्माईलपुर के दियारा क्षेत्र में कुछ अपराधी घातक हथियारों से लैस होकर एकत्रित हुए हैं। सूचना यह भी थी कि इनका उद्देश्य खेतों में तैयार खड़ी फसल की लूटपाट करना और ग्रामीणों को डरा-धमकाकर क्षेत्र में आतंक का माहौल पैदा करना है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजेश कुमार ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में नवगछिया पुलिस के जवान और एसटीएफ के कमांडो शामिल थे। मंगलवार की रात को टीम ने इस्माईलपुर गंगा दियारा के दुर्गम इलाकों और फुलकिया दियारा के संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी शुरू की।
अपराधियों का विवरण और बरामदगी का ब्योरा
प्रेस वार्ता के दौरान एसपी राजेश कुमार ने अनुमंडल पुलिस उपाधीक्षक (SDPO) ओमप्रकाश की मौजूदगी में गिरफ्तारी और बरामदगी का विस्तृत ब्योरा दिया:
1. मुकेश यादव (कमलाकुंड, इस्माईलपुर):
छापेमारी के दौरान सबसे पहले कुख्यात मुकेश यादव को घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध कट्टा और भारी मात्रा में 27 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इतने कारतूसों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि गिरोह किसी बड़ी मुठभेड़ या लंबे समय तक दहशत फैलाने की तैयारी में था।
2. राजू यादव (लतरा, गोपालपुर):
एक अन्य छापेमारी में फुलकिया दियारा क्षेत्र से राजू यादव को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 4 जिंदा कारतूस मिले हैं।
VOB का नजरिया: दियारा में ‘फसल लूट’ के आतंक पर अंतिम प्रहार जरूरी
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि नवगछिया और भागलपुर के दियारा इलाकों में खेती करना किसी जंग से कम नहीं है।
- किसानों की सुरक्षा: मार्च और अप्रैल का महीना फसल कटाई का होता है। इस दौरान अपराधी सक्रिय हो जाते हैं और गरीब किसानों की साल भर की मेहनत को बंदूक के बल पर लूट लेते हैं। पुलिस की यह कार्रवाई किसानों को सुरक्षा का अहसास कराएगी।
- हथियारों की सप्लाई चेन: एक अपराधी के पास से 27 कारतूस मिलना चिंताजनक है। पुलिस को अब इस बात की जांच करनी चाहिए कि इन कुख्यातों को इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस और हथियार कहाँ से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- सतर्कता: दियारा में स्थायी पुलिस पिकेट और मोबाइल पेट्रोलिंग को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है ताकि अपराधी दोबारा पैर न पसार सकें।
अपराधियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा
नवगछिया पुलिस ने दोनों गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि दियारा में शांति भंग करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नवगछिया और भागलपुर दियारा में चल रहे ‘ऑपरेशन दियारा’ और अन्य बड़ी गिरफ्तारियों की हर अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


