जमुई। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए डिजिटल सिस्टम ने अब लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों की पोल खोलनी शुरू कर दी है। जमुई जिले के चकाई प्रखंड से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग को भी हैरान कर दिया। यहां एक शिक्षक स्कूल पहुंचे बिना ही पड़ोसी राज्य झारखंड से अपनी हाजिरी दर्ज कराते रहे।
मामला उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्रतापपुर का बताया जा रहा है, जहां तैनात शिक्षक अमरेंद्र कुमार ने स्कूल में उपस्थित हुए बिना ही ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि शिक्षक कई दिनों तक स्कूल नहीं पहुंचे, फिर भी पोर्टल पर उनकी उपस्थिति दर्ज थी।
जानकारी के मुताबिक, जनवरी से लेकर मार्च तक कई दिनों में शिक्षक विद्यालय में मौजूद नहीं थे, लेकिन उन्होंने पोर्टल पर “ऑन ड्यूटी” और “ऑफिस वर्क” जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर अपनी हाजिरी लगा दी। इससे शुरुआत में किसी को संदेह नहीं हुआ।
हालांकि विभाग द्वारा की गई रैंडम जांच में पूरा मामला सामने आ गया। जांच के दौरान जब पोर्टल से जुड़े लोकेशन डेटा की जांच की गई, तो पता चला कि शिक्षक ने स्कूल परिसर से नहीं बल्कि झारखंड के देवघर स्थित अपने घर से ही हाजिरी दर्ज की थी।
इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जमुई के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) दया शंकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन और अनुशासनहीनता का गंभीर मामला बताया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल हाजिरी व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सके और पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाया जा सके। ऐसे में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद चकाई प्रखंड सहित आसपास के कई स्कूलों के शिक्षकों में भी हड़कंप मच गया है। अब विभाग की निगरानी और जांच को लेकर शिक्षक भी सतर्क हो गए हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।


