
बिहार के सारण जिले में मानव तस्करी और बाल शोषण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 21 नाबालिग लड़कियों को आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई Association for Voluntary Action (AVA) और पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
“15 साल में शादी, फिर बेच दिया गया”
रेस्क्यू की गई झारखंड की एक लड़की ‘जूही’ (बदला हुआ नाम) ने बताया कि कम उम्र में उसकी शादी कर दी गई थी। बाद में उसे नौकरी का झांसा देकर आर्केस्ट्रा संचालकों के हाथों बेच दिया गया।
“हम अनाथ हैं, पेट भरने के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए इस दलदल में फंस गई।”
— पीड़िता
15 से 17 साल की बच्चियां मुक्त
पुलिस के अनुसार मुक्त कराई गई लड़कियों की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच है। इनमें:
- 7 लड़कियां नेपाल की
- बाकी असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं।
13 आर्केस्ट्रा समूहों पर छापा
कार्रवाई तरैया, कोपा और इसुआपुर थाना क्षेत्रों में की गई। पुलिस ने 13 आर्केस्ट्रा समूहों की घेराबंदी कर बच्चियों को मुक्त कराया।
अश्लील गानों पर डांस के लिए मजबूर
जांच में सामने आया कि लड़कियों को अच्छी नौकरी और बेहतर जिंदगी का सपना दिखाकर फंसाया जाता था। बाद में उन्हें शादियों और आयोजनों में अश्लील गानों पर घंटों डांस करने के लिए मजबूर किया जाता था। कई लड़कियों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत भी की है।
11 आरोपी गिरफ्तार
बाल तस्करी और शोषण के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कथित तौर पर लड़कियों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोग भी हैं।
“बच्चों की ट्रैफिकिंग खत्म करने के लिए समाज और शासन दोनों को मिलकर काम करना होगा।”
— धनंजय टिंगल
‘आवाज दो’ अभियान चला रही पुलिस
सारण पुलिस महिलाओं और बच्चियों के शोषण के खिलाफ ‘आवाज दो’ अभियान चला रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
पहले भी हुई थीं बड़ी कार्रवाई
इससे पहले गोपालगंज में भी 44 नाबालिग लड़कियों को आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त कराया गया था। मई 2023 से अब तक चलाए गए विशेष अभियानों में:
- 375 लड़कियां रेस्क्यू
- 51 मामले दर्ज
- 125 आरोपी गिरफ्तार
किए जा चुके हैं।


